Friday, Oct 09

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बंगाल उपचुनाव में BJP की जीत, नंदीग्राम में हसिरानी रथ और रेजिनगर में शंकररव सरकार ने दर्ज की विक्ट्री

West Bengal: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की है। नंदीग्राम में हसिरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों से हराया, जबकि रेजिनगर में शंकररव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद (रॉबिन) को 75,816 वोटों से मात दी।

नंदीग्राम में हसिरानी रथ को मिले 75.94% वोट

नंदीग्राम में हसिरानी रथ को 1,64,427 वोट यानी कुल मतदान का 75.94 प्रतिशत मिला। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 41,674 वोट (19.25 प्रतिशत) प्राप्त हुए। हसिरानी रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की 6 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद हुई थी।

रेजिनगर में शंकररव सरकार की जीत

रेजिनगर में BJP के शंकररव सरकार को 1,29,914 वोट मिले, जबकि AJUP उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद को 54,098 वोट प्राप्त हुए। यह उपचुनाव पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर के रेजिनगर सीट छोड़ने के कारण हुआ। 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजिनगर और नाओदा, दोनों सीटें जीतने के बाद उन्होंने नाओदा अपने पास रखी थी।

नंदीग्राम सीट पर क्यों हुआ उपचुनाव?

शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। इसी वजह से नंदीग्राम में उपचुनाव कराना पड़ा। इसे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत के बाद BJP सरकार के लिए शुरुआती चुनावी परीक्षा के रूप में देखा गया।

कांग्रेस उम्मीदवार को मिला TMC का समर्थन

नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचित प्रधान डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से नाम वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया। सितंबर में 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी के कारण प्रधान का प्रचार प्रभावित हुआ। कलकत्ता हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्होंने दोबारा प्रचार शुरू किया। कांग्रेस ने मतदान में अनियमितता और डराने-धमकाने के आरोप लगाकर पुनर्मतदान की मांग की, जबकि BJP ने आरोपों को खारिज कर दिया।

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