West Bengal: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। मुस्लिम बहुल इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार शंखारव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद को 75 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। इससे पहले इस सीट पर पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की थी। उनके नउदा सीट बरकरार रखने के बाद रेजीनगर में उपचुनाव हुआ।
चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने बाबरी मस्जिद निर्माण की घोषणा जैसे धार्मिक मुद्दों के बजाय विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। पार्टी नेताओं ने पुल, 200 बिस्तरों वाले अस्पताल, कॉलेज, औद्योगिक पार्क और स्थानीय रोजगार के अवसरों का वादा किया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में प्रचार करते हुए कहा कि लोगों की प्राथमिकता धार्मिक विवादों के बजाय विकास और रोजगार है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस रणनीति ने पार्टी को पारंपरिक समीकरणों से आगे बढ़कर मतदाताओं तक पहुंचने में मदद की।
2026 के विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर से 1,23,536 वोट हासिल किए थे। बीजेपी के बापन घोष को 64,660 और तृणमूल कांग्रेस के अताउर रहमान को 41,718 वोट मिले थे। इसके बाद कबीर ने नउदा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर छोड़ दी। उपचुनाव में उनकी पार्टी ने बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह पिता की जीत दोहरा नहीं सके। विश्लेषकों का मानना है कि हुमायूं कबीर की व्यक्तिगत लोकप्रियता और बेटे के राजनीतिक अनुभव में अंतर भी परिणाम को प्रभावित करने वाला एक पहलू हो सकता है।
उपचुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बीजेपी को रेजीनगर में 60 प्रतिशत और नंदीग्राम में 80 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के बीच बीजेपी को लेकर लंबे समय से डर और आशंकाएं फैलाई गई थीं। शुभेंदु के मुताबिक, यह प्रचार किया गया था कि बीजेपी के सत्ता में आने पर मुसलमानों को बांग्लादेश भेज दिया जाएगा या हिरासत केंद्रों में रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में राज्य सरकार के कामकाज को देखने के बाद लोगों की धारणा बदली है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय की महिलाएं विकास कार्यों में भाग ले रही हैं। ये आंकड़े और दावे मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं।
6 अक्टूबर को मतदान के दिन हुमायूं कबीर और पुलिस के बीच टकराव की खबर सामने आई थी। कबीर ने पुलिस पर मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। विपक्ष की ओर से भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए, जबकि बीजेपी और राज्य नेतृत्व ने मतदान में धांधली के आरोपों को खारिज किया। इस घटना ने चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बनाया।
बीजेपी उम्मीदवार शंखाराव सरकार ने प्रचार के दौरान धार्मिक आधार पर मतदाताओं को बांटने के बजाय विकास के मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अब अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक की राजनीति से आगे बढ़कर कॉलेज, उद्योग और रोजगार चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग दौर में अल्पसंख्यक मतदाताओं ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस का समर्थन किया। उनके मुताबिक, अब मतदाता विकास की उम्मीद में बीजेपी के साथ आए हैं। रेजीनगर का परिणाम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस एक उपचुनाव के आधार पर पूरे राज्य के मुस्लिम मतदाताओं के रुझान के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
ये भी पढ़े: यूपी की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध चुनाव, BJP के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार जीते
UP Agniveer Reservation: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में दो बड़े फैसलों…
UP Rajya Sabha Election Results: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तस्वीर साफ हो गई…
JNU Professor Sexual Harassment Case: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों से…
Snow Leopard Safari Ladakh: लद्दाख में अब पर्यटक बर्फीले पहाड़ों के बीच दुर्लभ हिम तेंदुए…
Arvind Kejriwal CJP Protest: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार…
Houthi Attack Saudi Arabia: सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों में तीन नागरिकों की…