WhatsApp Business Message Charges: 1 अक्टूबर से WhatsApp Business प्लेटफॉर्म पर कंपनियों के लिए मैसेजिंग के नियम बदलने जा रहे हैं। अब ग्राहकों को भेजे जाने वाले कुछ मैसेज पर कंपनियों को शुल्क देना होगा। फिलहाल, ग्राहक की पूछताछ के बाद 24 घंटे की विंडो में कंपनियां मुफ्त जवाब भेज सकती हैं। नए नियमों के बाद बिजनेस मैसेजिंग की लागत और भुगतान व्यवस्था में बदलाव होगा।
1,000 मैसेज के बाद हर संदेश पर लगेगा शुल्क
नए नियम के तहत 24 घंटे की अवधि में भेजे जाने वाले हर सर्विस मैसेज पर अलग शुल्क लगेगा। ऑर्डर की पुष्टि और डिलीवरी अपडेट जैसे संदेश भी अब मुफ्त नहीं होंगे। हालांकि, हर बिजनेस नंबर को महीने में शुरुआती 1,000 सर्विस मैसेज मुफ्त मिलेंगे। इसके बाद कर्मचारी या चैटबॉट से भेजे जाने वाले प्रत्येक मैसेज पर शुल्क देना होगा।
बैंक से लेकर शॉपिंग ऐप तक पर पड़ेगा असर
WhatsApp बड़े पैमाने पर ऑटोमेटेड मैसेज भेजने वाली कंपनियों, बैंकों, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप्स से शुल्क लेगा। आसान भाषा में समझें तो बैंक का बैलेंस अलर्ट, ऑनलाइन ऑर्डर का डिलीवरी अपडेट या कंपनी की ओर से भेजा गया OTP जैसे मैसेज इसी बिजनेस मैसेजिंग व्यवस्था का हिस्सा हैं। इन संदेशों के लिए कंपनियां WhatsApp को भुगतान करती हैं, जिसका राजस्व मेटा को मिलता है।
मार्केटिंग मैसेज पर सबसे ज्यादा चार्ज
Meta के नए नियमों के तहत कंपनियों को मार्केटिंग मैसेज के लिए सबसे ज्यादा भुगतान करना होगा। ऑफर, सेल और प्रमोशनल ब्रॉडकास्ट जैसे संदेशों पर करीब 86 पैसे प्रति मैसेज शुल्क लगेगा। वहीं, ऑर्डर स्टेटस, डिलीवरी अपडेट और लॉगिन पासवर्ड यानी OTP भेजने पर करीब 11.5 पैसे प्रति मैसेज चार्ज होगा। GST जोड़ने के बाद इसकी कुल लागत करीब 14 पैसे प्रति मैसेज हो जाएगी।
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