Yogi Adityanath Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा की सरकार के दौरान हुई भर्तियों और राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाए। योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने राज्यसभा की एक सीट मुंबई के धन्नासेठ को दे दी। उन्होंने पार्टी के पीडीए नारे पर भी तंज कसा।
भर्ती आयोग में नियुक्ति को लेकर सपा पर निशाना
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के अध्यक्ष पद पर अनिल यादव को नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि वह इस पद के योग्य नहीं थे। योगी ने यह भी दावा किया कि उस समय आयोग में एक ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जिसने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बीए की परीक्षाएं थर्ड डिवीजन से पास की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और प्रदेश में अराजकता व गुंडागर्दी का माहौल था।
'PDA का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज्यसभा टिकट बांटते समय सपा का पीडीए कहां चला गया, योगी ने कहा कि पार्टी चाहती तो किसी यादव, दलित या मुस्लिम नेता को राज्यसभा भेज सकती थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सपा काशी, गाजीपुर या बलिया के किसी यादव नेता को टिकट दे सकती थी। दूसरी सीट पर किसी दलित या मुस्लिम नेता को मौका दिया जा सकता था।
'मुंबई के धन्नासेठ को दे दी सीट'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा ने राज्यसभा की एक सीट मुंबई के किसी धन्नासेठ को दे दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले उसके पीडीए नारे से मेल नहीं खाते। योगी ने पीडीए का मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 'पराया धन अपना है' कहकर भी तंज कसा। वाराणसी में दिए गए इस बयान में सीएम योगी ने भर्ती व्यवस्था और राज्यसभा टिकट के बंटवारे को लेकर सपा को घेरा। उनके आरोपों का केंद्र युवाओं की भर्ती और पीडीए की राजनीति रही।
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