Sunday, Oct 18

होम = Cover Story Featured = 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून का समर्थन करने पर जगन रेड्डी को पछतावा, निष्पक्ष चयन समिति की मांग

2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून का समर्थन करने पर जगन रेड्डी को पछतावा, निष्पक्ष चयन समिति की मांग

YS Jagan Mohan Reddy Election Commissioner Appointment: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। रविवार को उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सत्ता में मौजूद सरकार के प्रभाव से स्वतंत्र होनी चाहिए। उन्होंने 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी कानून का संसद में समर्थन करने पर पछतावा भी जताया।

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर उठाए सवाल

जगन रेड्डी ने कहा, 'परीक्षक की नियुक्ति छात्र नहीं कर सकता।' उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सरकार की भूमिका निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है, भले ही नियुक्त आयुक्त ईमानदार हो।

उन्होंने इसे व्यवस्था की संरचनात्मक खामी बताते हुए कहा कि इसे सुधारने से चुनाव प्रणाली बेहतर होगी। उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री के बजाय निष्पक्ष संस्था से कराने की मांग की।

TDP गठबंधन पर चुनावी धांधली के आरोप

ताडेपल्ली स्थित YSRCP मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जगन ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाला TDP-NDA गठबंधन चुनावी हार के डर से विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल नहीं करने दे रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और सरकारी अधिकारियों की मदद से YSRCP कार्यकर्ताओं पर हमले, अपहरण, धमकियां, आगजनी और झूठे मुकदमे दर्ज करने जैसी घटनाएं हो रही हैं।

जगन ने कहा कि पिछले स्थानीय चुनावों में कथित TDP समर्थक राज्य चुनाव आयुक्त एन. रमेश कुमार के कार्यकाल में भी YSRCP की सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक थी। उन्होंने मौजूदा चुनाव आयुक्त पर भी TDP के प्रति वफादारी का आरोप लगाया।

नामांकन रोकने और पुलिस पर फायरिंग के आरोप

जगन के मुताबिक, कडप्पा, पुंगनूर और तिरुपति में YSRCP सांसदों और कार्यकर्ताओं को रोका गया। नामांकन पत्र छीने गए या स्वीकार नहीं किए गए, वाहनों पर हमले हुए और समर्थकों से मारपीट की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला में पुलिस ने उम्मीदवारों को डराने के लिए पथराव और हवाई फायरिंग की। उन्होंने नामांकन के दौरान फायरिंग को अभूतपूर्व बताया।

जगन ने कहा कि TDP समर्थकों को समूह में जाने दिया गया, जबकि YSRCP कार्यकर्ताओं को नियमों के तहत चार लोगों के साथ भी नामांकन केंद्रों में प्रवेश नहीं मिला।

उनके अनुसार, अंतिम दिन तिरुपति, कडप्पा, कमलापुरम, रायचोटी, पुंगनूर, दारसी, गुरजाला, दाचेपल्ली, पिडुगुरल्ला, बडवेल और राजमपेट में उम्मीदवार नामांकन नहीं कर सके।

चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची पर सवाल

जगन ने आरोप लगाया कि आरक्षण विवरण जारी होने के अगले दिन चुनाव कार्यक्रम घोषित कर विपक्ष को तैयारी का पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जबकि सरकार को पहले से जानकारी थी।

उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 46 लाख फर्जी मतदाताओं की पहचान के बावजूद पुरानी मतदाता सूची पर चुनाव कराए जा रहे हैं। वार्डों और डिवीजनों का परिसीमन भी सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में करने का आरोप लगाया।

जगन ने कहा कि कथित अनियमितताओं के जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि YSRCP ने दोबारा जनादेश मांगने से पहले अपने घोषणापत्र के वादे पूरे किए, जबकि TDP अपने वादों में विफल रही। उन्होंने कथित अलोकतांत्रिक शासन का विरोध करने वालों की सराहना की। इन आरोपों पर TDP की तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।

आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव का कार्यक्रम

26 और 29 नवंबर, 2 दिसंबर: तीन चरणों में ग्राम पंचायत चुनाव, प्रत्येक चरण के नतीजे उसी दिन घोषित होंगे।

28 अक्टूबर: 100 शहरी स्थानीय निकायों में मतदान, 30 अक्टूबर को नतीजे।

3 नवंबर: MPTC और ZPTC चुनाव, 5 नवंबर को मतगणना।

ये भी पढ़े: फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 143 साल पुराना टाउन हॉल आग में तबाह, 400 लोग गिरफ्तार