Abhay Singh Joins BJP: उत्तर प्रदेश के अमेठी में अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। तीनों नेताओं ने स्मृति ईरानी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) छोड़ने की वजह बताते हुए पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर कई गंभीर आरोप लगाए।
सपा पर सनातन विरोधी होने का आरोप
भाजपा में शामिल होने के बाद अभय सिंह ने 'भारत माता की जय' के नारे के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का आचरण सनातन धर्म के खिलाफ रहा है।
अभय सिंह ने रामचरितमानस के पन्ने फाड़ने की घटनाओं का जिक्र करते हुए सपा की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के शासनकाल में सरकारी भर्तियों में जानबूझकर एक विशेष वर्ग को प्राथमिकता दी जाती थी। उनका आरोप था कि पहले चापलूसी करने वालों को ही नौकरियां मिलती थीं, जबकि वर्तमान व्यवस्था में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव और दिल्ली आंदोलन पर भी बोले
अभय सिंह ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा और भाजपा की कार्यशैली की तुलना की। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने विभिन्न दलों को आगे बढ़ाया, जबकि सपा ने चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी। दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर उन्होंने विदेशी फंडिंग का आरोप लगाया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। नौकरी घोटालों पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारियां हो रही हैं।
अयोध्या के 2024 चुनाव पर उठाए सवाल
अभय सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या की जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में अयोध्या के मतदाता लाखों वोटों से इसका जवाब देंगे। अभय सिंह ने अपना संबोधन 'जय श्री राम' के नारे के साथ समाप्त किया। उनके इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

