Monday, Oct 05

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‘बात सीट की नहीं, जीत की ‘, सीट शेयरिंग पर खींचतान के बीच अखिलेश की सहयोगियों को दो टूक

Akhilesh Yadav Seat Sharing: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। दोनों दलों के नेताओं की ओर से लगातार बयानबाजी हो रही है, लेकिन सीट शेयरिंग पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन के सहयोगियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि चुनाव में सीटों से ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की जीत है। वहीं, बीजेपी ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए सपा-कांग्रेस के गठबंधन को 'लठबंधन' करार दिया है।

अखिलेश यादव ने सहयोगियों को दिया जीत का मंत्र

सीट बंटवारे को लेकर जारी चर्चाओं के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, 'मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है, सपा प्रमुख ने कहा कि गठबंधन में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किसके हिस्से में जाती है, यह सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है। असली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव में गठबंधन को जीत हासिल हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सहयोगी दलों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साझा लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए। अखिलेश यादव ने अपने संदेश में दोहराया, 'बात सीट की नहीं जीत की है, गठबंधन के दलों से बढ़कर होगी ये जीत।' उनके मुताबिक, यह जीत केवल गठबंधन में शामिल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के संघर्ष का परिणाम होगी, जो लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रयास कर रहे हैं।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पर दिया जोर

अखिलेश यादव ने गठबंधन की लड़ाई को केवल चुनावी सफलता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों का साझा प्रयास सांप्रदायिकता को दोबारा सिर उठाने से रोकना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है। सपा अध्यक्ष ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण पर कोई आंच न आए। उन्होंने देश में आपसी सौहार्द बनाए रखने और तरक्की व खुशहाली को आगे बढ़ाने को भी गठबंधन के उद्देश्यों में शामिल बताया। अपने संदेश के अंत में उन्होंने 'जय संविधान-जय हिंदुस्तान!' लिखकर अपनी बात समाप्त की।

बीजेपी ने गठबंधन पर कसा तंज

अखिलेश यादव के इस संदेश के बाद बीजेपी ने सपा और कांग्रेस के बीच जारी खींचतान को लेकर निशाना साधा। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने दोनों दलों के गठबंधन पर तंज कसते हुए इसे 'गठबंधन' के बजाय 'लठबंधन' बताया। राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों दलों के बीच हालात ऐसे हो गए हैं कि उनके नेताओं के बीच आपसी बातचीत तक नहीं हो रही है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे को उनकी राजनीतिक हैसियत बताने में जुटे हैं।

'अहंकार की राजनीति कर रहे सपा-कांग्रेस के नेता'

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अब सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने गठबंधन के सहयोगियों को नसीहत दे रहे हैं। उन्होंने सपा और कांग्रेस, दोनों पर अहंकार की राजनीति करने का आरोप लगाया। त्रिपाठी के मुताबिक, दोनों दलों के नेताओं के बीच जारी बयानबाजी उनके गठबंधन की स्थिति को उजागर करती है। बीजेपी ने अखिलेश यादव के सीटों से ज्यादा जीत को प्राथमिकता देने वाले बयान को भी सपा-कांग्रेस के आपसी मतभेदों से जोड़कर निशाना साधा।

सीट शेयरिंग पर खींचतान के बीच अहम हुआ बयान

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे का मुद्दा लगातार चर्चा में है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी ने गठबंधन की चुनौतियों को और सामने ला दिया है। ऐसे में अखिलेश यादव का सीटों के बजाय गठबंधन की जीत को प्राथमिकता देने वाला संदेश अहम माना जा रहा है।

हालांकि, सीट शेयरिंग को लेकर सहमति न बनने के बीच अखिलेश यादव ने अपने बयान से सहयोगियों को एकजुट रहने का संदेश दिया है। दूसरी ओर, बीजेपी इस खींचतान को लेकर विपक्षी गठबंधन पर लगातार सवाल उठा रही है। अब देखना होगा कि सीटों के बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच जारी मतभेद किस तरह सुलझते हैं।

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