अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ नाराज़गी का उबाल! टैरिफ, महंगाई और भरोसे पर जनता का बड़ा फैसला
President Donald Trump Disapproval Rating: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर असंतोष तेज़ी से बढ़ता दिख रहा है। एक ताज़ा राष्ट्रीय सर्वे में सामने आया है कि महंगाई, टैरिफ, विदेश नीति और अर्थव्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर ज़्यादातर अमेरिकी ट्रंप के कामकाज से खुश नहीं हैं। कराए गए इस पोल के मुताबिक, करीब दो-तिहाई अमेरिकी महंगाई से निपटने के ट्रंप के तरीके से असंतुष्ट हैं। वहीं, 60% लोगों ने इंपोर्टेड सामान पर लगाए गए टैरिफ को गलत बताया, जबकि 62% विदेशी संबंधों के संचालन से नाराज़ दिखे।
इमिग्रेशन नीति भी जनता को रास नहीं आई। सर्वे में 58% प्रतिभागियों ने इमिग्रेशन हैंडलिंग का विरोध किया और 57% ने कहा कि देश की पूरी अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता था। किसी भी बड़े मुद्दे पर ट्रंप को स्पष्ट जनसमर्थन नहीं मिला। हालांकि, भरोसे का संकट केवल व्हाइट हाउस तक सीमित नहीं है। जब लोगों से पूछा गया कि देश की बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए वे किस पर ज़्यादा भरोसा करते हैं, तो ट्रंप (33%), डेमोक्रेट्स (31%) और “कोई नहीं” (31%) तीनों लगभग बराबरी पर रहे। इससे साफ है कि अमेरिकी मतदाता दोनों पक्षों से निराश हैं।
राजनीतिक ध्रुवीकरण भी गहराया है। डेमोक्रेट्स और इंडिपेंडेंट्स ने लगभग हर मुद्दे पर ट्रंप को नकारा, जबकि रिपब्लिकन मतदाताओं में मतभेद दिखा। MAGA समर्थक ट्रंप के साथ खड़े रहे, लेकिन गैर-MAGA रिपब्लिकन महंगाई और विदेश नीति पर खुलकर आलोचना करते नज़र आए। कुल मिलाकर, ट्रंप की नापसंदगी रेटिंग करीब 60% तक पहुंच गई जो उनके दूसरे कार्यकाल के सबसे ऊंचे स्तरों में है और 2021 में पद छोड़ते समय के आंकड़ों के करीब है।
अर्थव्यवस्था को लेकर भी तस्वीर निराशाजनक रही। लगभग आधे अमेरिकियों ने माना कि ट्रंप के पद संभालने के बाद हालात बिगड़े हैं। केवल तीन में से एक ने सुधार की बात कही। सर्वे में शामिल महज़ 22% लोगों ने खुद को आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में बताया, जबकि बहुमत ने कहा कि हालात जस के तस हैं या और खराब हुए हैं।
राष्ट्रपति की क्षमता पर भी सवाल उठे। आधे से ज़्यादा लोगों ने कहा कि ट्रंप में राष्ट्रपति पद के लिए ज़रूरी मानसिक चुस्ती नहीं है, और लगभग आधे ने उनकी शारीरिक फिटनेस पर चिंता जताई। भरोसे को लेकर स्थिति और गंभीर रही करीब 70% अमेरिकियों ने ट्रंप को ईमानदार या भरोसेमंद नहीं माना और कई ने आरोप लगाया कि वे राष्ट्रपति पद का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
नीतिगत फैसलों पर भी जनता का रुख सख्त रहा। बच्चों के लिए सुझाई गई वैक्सीन में कटौती का विरोध हुआ, दूसरे देशों में बदलाव के लिए अमेरिकी सेना के इस्तेमाल को समर्थन नहीं मिला, और जेफरी एपस्टीन फाइलों जैसे संवेदनशील मामलों पर प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठे। 2,500 से अधिक वयस्कों पर आधारित यह सर्वे अमेरिका की उस तस्वीर को सामने रखता है, जहां असंतोष, अविश्वास और गहरी राजनीतिक की खाई लगातार बढ़ती जा रही है।
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