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13 घंटे की पढ़ाई, कोई कोचिंग नहीं…अनुज अग्निहोत्री का एमबीबीएस डिग्री से यूपीएससी टॉपर बनने तक का सफर

Anuj Agnihotri UPSC Topper 2025: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देशभर में अखिल भारतीय रैंक (AIR 1) हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री ने शुक्रवार को अपनी सफलता के पीछे की प्रेरणा और मेहनत के बारे में खुलकर बात की। 25 वर्षीय अनुज ने कहा कि उनके जीवन में सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां रही हैं, जिन्होंने हमेशा उन्हें लोगों की सेवा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षा और प्रारंभिक प्रयास

जोधपुर के एम्स से एमबीबीएस करने वाले अनुज ने 2023 में अपने पहले प्रयास में केंद्र शासित प्रदेश सिविल सेवा (UTCS) परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। वर्तमान में वह दिल्ली में एसडीएम के रूप में परिवीक्षा अवधि में हैं। अनुज ने बताया कि उनके करियर की शुरुआत में उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य स्पष्ट नहीं था, लेकिन उन्हें हमेशा यह भरोसा था कि वह समाज की सेवा करना चाहते हैं और अपने काम से बड़ी संख्या में लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में मुझे अपने जीवन के लक्ष्य की स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन मुझे यह यकीन था कि मैं लोगों की सेवा करना चाहता हूं और अपने काम से समाज में बदलाव लाना चाहता हूं।

तैयारी की कहानी

अनुज ने 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि किसी भी बदलाव को प्रभावी बनाने के लिए शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता जरूरी है। उन्होंने अपने माता-पिता से चर्चा की और सिविल सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी। अनुज ने अपनी पहली सफलता, यानी UTCS परीक्षा पास करने के अनुभव को याद करते हुए कहा, "मैंने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और खुशी से आधे घंटे तक रोता रहा। यह पल मेरे लिए बेहद भावनात्मक और प्रेरक था।"

प्रशिक्षण और पढ़ाई के दौरान अनुज ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी लगातार जारी रखी। उन्होंने कभी किसी कोचिंग सेंटर से मदद नहीं ली और पूरी तैयारी अपनी मेहनत और लगन से की। अनुज रोजाना लगभग 13 घंटे पढ़ाई करते थे। उनकी माता ने कहा, “हमें अपने बेटे पर गर्व है। उसकी मेहनत और समर्पण ने इसे संभव बनाया। हमें पूरा विश्वास है कि वह देश के बेहतरीन आईएएस अधिकारियों में से एक बनेंगे।”

परिवार और समर्थन

अनुज के पिता कृष्ण बिहारी राजस्थान परमाणु ऊर्जा स्टेशन में तकनीशियन के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि अनुज का सफलता हासिल करना परिवार के लिए गर्व की बात है और उन्होंने हमेशा बेटे को प्रेरित किया कि लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से प्रयास करें।

प्रेरणा और संदेश

अनुज अग्निहोत्री की कहानी यह दिखाती है कि लगन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुँच सकता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि यदि वे समाज की सेवा करना चाहते हैं और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, तो उन्हें निरंतर मेहनत करनी चाहिए और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना चाहिए।

Yas Pal

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