दुनिया

हमलावर की खौफनाक साजिश का खुलासा! ट्रंप के इवेंट वाले उसी होटल में पहले से बुक था कमरा

White House Dinner Shooting: अमेरिका के सबसे हाई-प्रोफाइल आयोजनों में से एक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि संदिग्ध हमलावर उसी होटल में पहले से ठहरा हुआ था, जहां यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

होटल में पहले से मौजूद था हमलावर

जानकारी के मुताबिक, यह घटना वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां हमलावर ने पहले से कमरा बुक कर रखा था। शुरुआती जांच में पुलिस का मानना है कि आरोपी पूरी योजना के साथ यहां पहुंचा था और इवेंट शुरू होने से काफी पहले ही होटल में ठहर गया था। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अंतरिम प्रमुख जेफरी कैरोल ने बताया कि संदिग्ध के कमरे की तलाशी ली जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने हथियार कब और कैसे होटल तक पहुंचाए।

पहले से तैयार थी साजिश

जांच एजेंसियों को शक है कि हमलावर को इवेंट की पूरी जानकारी थी। उसने सुरक्षा कड़ी होने से पहले ही हथियार होटल में पहुंचा दिए थे। माना जा रहा है कि आरोपी अकेले ही इस वारदात को अंजाम देने आया था। हालांकि, उसकी योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने उसे राष्ट्रपति के करीब पहुंचने से पहले ही दबोच लिया।

गोलीबारी के दौरान मची अफरा-तफरी

घटना के वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई बड़े अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे। जैसे ही फायरिंग की आवाज आई, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान एक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गोली लगी, लेकिन उनकी सुरक्षा जैकेट की वजह से बड़ी चोट टल गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

पहले लगा ट्रे गिरने की आवाज

घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अचानक आई तेज आवाज से वे चौंक गए थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद कोई ट्रे गिर गई है, लेकिन जल्द ही स्थिति की गंभीरता समझ में आ गई। उन्होंने सीक्रेट सर्विस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि एजेंट्स ने बेहद बहादुरी और तेजी से काम किया।

बॉलरूम तक नहीं पहुंच पाया हमलावर

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर करीब 50 गज की दूरी से सक्रिय हुआ था, लेकिन उसे मुख्य बॉलरूम तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया। यही वह जगह थी जहां ट्रंप और सैकड़ों पत्रकार मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी कैलिफोर्निया का रहने वाला है और वह एक चेकपॉइंट पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया।

सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कार्यक्रमों में भी इस तरह की चूक कैसे हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। यह मामला सिर्फ एक असफल हमले का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर परीक्षा भी बन गया है।

ये भी पढ़ें: हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आया पहला रिएक्शन, कहा- ‘यह पूरी तरह अप्रत्याशित था’

Shagun Chaurasia

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

9 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

10 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

11 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

11 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

11 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

12 hours ago