Azamgarh Voter List: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मतदाता सूची की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से इस मामले को उठाए जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने जांच कराई। जांच में ‘विकास यादव’ नाम 13 जगह दर्ज मिला। इसके बाद कंप्यूटर सहायक, पांच बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और तीन अन्य अधिकारियों समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। समाजवादी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया था और आरोप लगाया था कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में उसके नाम पर कई वोट दर्ज हैं। मामला सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया और जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से जांच रिपोर्ट मांगी।
जांच में 13 जगह मिला ‘विकास यादव’ नाम
जांच के दौरान मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम की कुल 13 प्रविष्टियां सामने आईं। इनमें से एक प्रविष्टि गोरखपुर जिले की चौरीचौरा विधानसभा सीट से संबंधित थी। जांच में इसे आजमगढ़ की प्रविष्टियों से अलग पाया गया। आजमगढ़ से संबंधित प्रविष्टियों में दो नाम पहले ही हटाए जा चुके थे। इसके बाद बाकी 11 प्रविष्टियों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि ये सभी 11 अलग-अलग व्यक्ति हैं और अपने-अपने गांवों में रह रहे हैं। इनमें से एक व्यक्ति का वास्तविक नाम विकास यादव है, जबकि बाकी 10 लोगों के नाम मतदाता सूची में गलत दर्ज पाए गए। इन लोगों के नाम और अन्य विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है।
कंप्यूटर सहायक और पांच BLO पर होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों को दोषी पाया गया है। इन सभी को मतदाता सूची से संबंधित काम से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उनकी सेवा समाप्ति से संबंधित नोटिस देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। निर्वाचन विभाग ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जांच में सामने आई गड़बड़ियों के लिए संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
ERO और दो AERO को भी नोटिस
कार्रवाई का दायरा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। मामले में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को भी शामिल किया गया है। इन तीनों अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय कार्रवाई के लिए आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। अधिकारियों पर काम में लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप हैं।
पूरे आजमगढ़ की मतदाता सूची की होगी जांच
मामले में गड़बड़ियां सामने आने के बाद अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी को आजमगढ़ की अन्य विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की भी गहन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित निर्देशों के मुताबिक, पूरे जिले की मतदाता सूचियों की पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस जांच से जिले की अन्य मतदाता सूचियों में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जाएगी।
कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
आजमगढ़ में कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुनाव आयोग और सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने आजमगढ़ के मामले के साथ पीलीभीत का मुद्दा भी उठाया और नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने अपने राजनीतिक आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण साझा नहीं किया। फिलहाल, आजमगढ़ में निर्वाचन विभाग की जांच में मतदाता सूची की गलत प्रविष्टियों की पुष्टि हुई है और जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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