Saturday, Oct 24

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‘दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम चीफ मुख्य चुनाव आयुक्त के भाई’, हिरासत में लेना बदले की कार्रवाई: CM भगवंत मान का दावा

Bhagwant Mann Delhi Airport Controversy: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित तौर पर रोके जाने को लेकर केंद्र सरकार पर फिर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर परेशान और अपमानित किया गया। मान ने दावा किया कि एयरपोर्ट के कस्टम प्रमुख मनीष कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सगे भाई हैं और अधिकारियों ने उनसे बदला लेने की कोशिश की।

हालांकि, दोनों अधिकारियों के कथित पारिवारिक संबंध और राजनीतिक बदले के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पेरिस यात्रा से लौटने पर सामान की जांच का आरोप

मान के मुताबिक, उन्हें फ्रांस में एक फूड फेस्टिवल में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, जहां पंजाब की सहकारी संस्था मार्कफेड ने स्टॉल लगाए थे। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें अपने स्टॉल दिखाए।

उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में विदेश यात्रा की अनुमति नहीं मिली और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही वह जा सके। वापसी पर दिल्ली एयरपोर्ट में करीब दो घंटे सामान की जांच की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बावजूद चालान काटा गया।

AAP ने लगाया 50 हजार रुपये के चालान का आरोप

आम आदमी पार्टी ने पहले दावा किया था कि मान को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग तीन घंटे रोका गया और 50 हजार रुपये का चालान जारी किया गया।

पार्टी के मुताबिक, अधिकारी ऊपर से भारी दबाव में थे। AAP ने केंद्र पर मुख्यमंत्री को अपमानित करने, पंजाब की प्रगति रोकने और विदेश यात्राओं की राजनीतिक मंजूरी में बाधा डालने का आरोप लगाया।

वहीं, शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि मान और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर को अतिरिक्त सामान या निर्धारित सीमा से ज्यादा रकम संबंधी सवालों पर रोका गया था।

लोकतंत्र और वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

मान ने केंद्र पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए 'लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए तानाशाह' जैसी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़ा रहा है और AAP सरकार जनता के मुद्दे उठाती रही है।

मान ने दावा किया कि मतदाता सूचियों से 14 करोड़ नाम हटाए गए हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर दबाव है और संस्थाओं से जनता का भरोसा घट रहा है।

उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र में एक ही लोगों के मतदान करने का आरोप लगाया और इसे दोनों राज्यों में एक साथ चुनाव नहीं होने से जोड़ा।

ED-CBI की कार्रवाई पर भी निशाना

मान ने आरोप लगाया कि चुनावों के आसपास ED और CBI मामले दर्ज करती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें बंद कर दिया जाता है। उनके मुताबिक, पंजाब में भी ऐसी स्थिति पैदा की जा रही है। इन आरोपों के बीच मान ने विश्वास जताया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी दोबारा सरकार बनाएगी।

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