Sunday, Oct 11

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भुवनेश्वर कुमार की वापसी मजबूरी या जरूरी? जवाब में छिपी है टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी

Bhuvneshwar Kumar Comeback: करीब चार साल बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी हुई है। 36 वर्षीय तेज गेंदबाज को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना गया है। उनका अनुभव और हालिया प्रदर्शन इस फैसले को मजबूत बनाते हैं, लेकिन उनकी वापसी ने भारतीय तेज गेंदबाजी से जुड़ा बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। क्या जसप्रीत बुमराह के बाद टीम इंडिया के पास पर्याप्त भरोसेमंद विकल्प हैं?

भुवनेश्वर का शानदार प्रदर्शन बना वापसी की वजह

भुवनेश्वर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। पिछले दो आईपीएल सीजन में उन्होंने करीब 8 की इकॉनमी से 45 विकेट लिए। नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने, सटीक लाइन-लेंथ और यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। ऐसे में उनकी वापसी अनुभव और प्रदर्शन के लिहाज से अहम है।

आशीष नेहरा की वापसी की याद दिलाता है कमबैक

भुवनेश्वर की वापसी से आशीष नेहरा की याद आती है। 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे नेहरा ने करीब पांच साल बाद 2016 में भारतीय टीम में वापसी की थी। उस समय उनकी उम्र भी लगभग 36 साल थी। उन्होंने 2017 में 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। यह उदाहरण बताता है कि अनुभव और प्रदर्शन के दम पर उम्र के इस पड़ाव पर भी वापसी संभव है।

बुमराह के बाद कौन संभालेगा तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी?

जसप्रीत बुमराह को छोड़ दें तो भारतीय टीम के पास ऐसे कितने तेज गेंदबाज हैं, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सकता है? मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और मयंक यादव जैसे गेंदबाजों से भी उम्मीदें हैं। हालांकि, टीम के सामने इन विकल्पों को लगातार बेहतर बनाने की चुनौती है।

बल्लेबाजी जैसी गहराई तेज गेंदबाजी में क्यों नहीं?

भारत के पास घरेलू क्रिकेट और आईपीएल जैसा बड़ा मंच है, जहां युवा गेंदबाजों को प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। बल्लेबाजी में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी आए। अब नई पीढ़ी भी जिम्मेदारी संभाल रही है। तेज गेंदबाजी में भी ऐसे ही मजबूत विकल्प तैयार करने की जरूरत है, ताकि किसी एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में टीम कमजोर न पड़े।

भुवनेश्वर की वापसी से आगे की तैयारी पर नजर

भुवनेश्वर कुमार की वापसी भारतीय टीम के लिए फायदेमंद हो सकती है। उनका अनुभव और स्विंग गेंदबाजी टीम को मजबूती दे सकते हैं। लेकिन असली चुनौती भविष्य के लिए ऐसे तेज गेंदबाज तैयार करना है, जो अलग-अलग प्रारूपों में जिम्मेदारी संभाल सकें। सवाल सिर्फ भुवनेश्वर की वापसी का नहीं, बल्कि यह है कि बुमराह के बाद भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान कौन संभालेगा।

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