Blue Whales
Blue Whales : मोटिनाज़ (Monterey Bay Aquarium Research Institute) द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन ने आश्चर्यजनक रूप से यह उजागर किया है कि ब्लू व्हेल जो धरती पर मौजूद सबसे बड़े जीव है वह गीत गाना बंद कर चुकी हैं खास कर कैलिफ़ोर्निया तट पर हुए रिकॉर्ड समुद्री हीटवेव (marine heat wave) के बाद ।
इस अध्ययन में जुलाई 2015 से जून 2021 तक समुद्र में लगे हाईड्रोफोन (अंडरवाटर माइक्रोफोन) से रिकॉर्ड की गई ध्वनियों का विश्लेषण किया गया। इन रिकॉर्डिंग्स से पता चला कि ब्लू व्हेल के गीतों में लगभग 40% की गिरावट आई है । इस घटना की मुख्य वजह है “द ब्लॉब” नामक एक बड़े पैमाने पर समुद्री हीटवेव, जिसने समुद्र का तापमान असाधारण रूप से बढ़ा दिया।
इसने क्रिल (क्रील – झींगा जैसे छोटे जीव, जो ब्लू व्हेल का मुख्य भोजन हैं) की संख्या में भारी गिरावट ला दी, जो समुद्री भोजन श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित करने वाला था।
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ब्लू व्हेल को भोजन की तलाश के लिए ज़्यादा समय और ऊर्जा खर्च करनी पड़ रही है, जिससे उनके पास गीत गाने के लिए समय ही नहीं बचा जैसा कि अध्ययन में बताया गया है जब आप सच में इसे टुकड़ों में तोड़ कर देखें, तो यह ऐसा है जैसे भूख से गाना गाने की कोशिश करना।
इस दौरान, हम्पबैक व्हेलों के गीतों में कोई कमी नहीं आई, बल्कि उनकी संख्या में सुधार भी देखा गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे नरम क्रिल के अलावा मछलियाँ जैसे सार्डिन और ऐंकोवीज़ भी खा सकते हैं, जिससे उनका भोजन लचीला था और वे बेहतर अनुकूल हो सके । ये अंतर दर्शाता है कि ब्लू व्हेल कम लचीले और अधिक जोखिमग्रस्त हैं, और पारिस्थितिकी तंत्र में होने वाले बदलावों की अधिक तीव्रता से प्रभावित होती हैं।
यह एक गंभीर अलार्म साउंड के रूप में देखा जा सकता है। ब्लू व्हेल जैसे विशाल और लंबी उम्र वाले जीव जब संकटग्रस्त हो जाते हैं, तो यह सीधे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में गहरे बदलाव की ओर संकेत करता है। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में marine heat waves और अधिक तीव्र हो सकते हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र पर और अधिक दबाव आएगा।
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इस घटना को नई आपदा की तैयारी के लिए एक “वॉर्निंग सिग्नल” माना जा सकता है क्योंकि खाद्य श्रृंखला में जो गड़बड़ी आ रही है, वह पूरे समुद्री जीवन और अंततः मानव जीवन को प्रभावित कर सकती है । यह कोई तुरंत वाली आपदा नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से एक गंभीर पैटर्न परिवर्तन (tipping point) की संभावना को दर्शाता है और वैज्ञानिक इसे एक चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
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