नई दिल्ली: संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्तशासी संस्था सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (DDR) सम्मान समारोह और 'विरासत–कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव' का भी आयोजन किया गया। लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के योगदान और भारत की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित इस कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों, विद्वानों, कलाकारों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 'Long Live Democracy' और 'Digital District Repository' प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के संघर्ष और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा में जनजागरण और संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों तथा डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया। यह रिपॉजिटरी देशभर के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरक गाथाओं का डिजिटल संकलन है, जिसका उद्देश्य उनके योगदान को संरक्षित करना और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण CCRT के छात्रवृत्तिधारकों द्वारा प्रस्तुत "Musical Tribute to the Spirit of Democracy" रहा, जिसमें संगीत के माध्यम से लोकतंत्र, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आयोजित 'विरासत–कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव' में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपरा का परिचय कराया।
समारोह में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, CCRT के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर, संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव समर नंदा और कमलेश कुमार मिश्र, संस्कृति मंत्रालय के निदेशक राजीव कुमार तथा CCRT के निदेशक पप्पूंजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
लोकतांत्रिक चेतना, स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश देने वाला यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायी और स्मरणीय रहा।
ये भी पढ़े: Operation Sindoor में शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…
Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…
AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…