Thursday, Oct 22

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छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में खौफनाक हादसा, 1600 डिग्री गर्म पिघला लोहा गिरने से ठेकेदार की मौत, VIDEO आया सामने

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित जेडी स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है। बोरई-रसमड़ा स्थित प्लांट में करीब 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाला पिघला लोहा एक ठेकेदार पर गिर गया। गंभीर रूप से झुलसे ठेकेदार की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 17 अक्टूबर 2026 की रात की है। पुलिस ने जांच के बाद प्लांट प्रबंधन और एक अन्य ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है।

मशीन में खराबी के बाद गिरा पिघला लोहा

मृतक की पहचान बिहार निवासी 47 वर्षीय संतोष कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है। वह जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर की रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच प्लांट में इंडक्शन फर्नेस से पिघली धातु के जरिए बिलेट बनाने की प्रक्रिया के दौरान मशीन का परीक्षण चल रहा था।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के मुताबिक, 15 टन क्षमता वाली फर्नेस से लगभग 1600 डिग्री तापमान की पिघली धातु टंडिश कार में डाली जा रही थी। इसी दौरान पर्जिंग प्रक्रिया में अत्यधिक लांसिंग और नोजल में रुकावट के कारण टंडिश की बॉटम प्लेट फट गई। इससे गर्म धातु संतोष के ऊपर गिर गई और वह बुरी तरह झुलस गए।

हादसे का वीडियो आया सामने

घटना का वीडियो कथित तौर पर प्लांट में मौजूद एक मजदूर ने रिकॉर्ड किया था। फुटेज में संतोष गर्म धातु की चपेट में आने के बाद जान बचाने के लिए भागते दिखाई दे रहे हैं।

घायल संतोष को तुरंत भिलाई के सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जो अंतिम संस्कार के लिए उसे बिहार ले गए।

प्लांट निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ FIR

शुरुआत में अंजोरा चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच में कथित लापरवाही के तथ्य सामने आने पर जेडी स्टील इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शिव कुमार गोयल और ठेकेदार गजानन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 और 106(1) के तहत FIR दर्ज की है। दुर्ग-भिलाई के एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि मशीन से अत्यधिक मात्रा में पिघला पदार्थ निकलने के कारण संतोष गंभीर रूप से झुलस गए थे। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मशीनों के संचालन पर रोक, सात दिन में मांगी रिपोर्ट

हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, दुर्ग संभाग ने संबंधित फर्नेस, लैडल, टंडिश कार, नोजल और कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन (CCM) के परीक्षण और संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है।

यह कार्रवाई व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 के प्रावधानों के तहत की गई है। प्लांट प्रबंधन को तकनीकी विशेषज्ञों से सुरक्षा ऑडिट कराकर सात दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश मिले हैं। विभाग ने संचालन बंद होने से प्रभावित श्रमिकों को वेतन और अन्य लाभ देने तथा संभव होने पर वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने को भी कहा है।

सुरक्षा इंतजामों की जांच जारी

हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एएसपी अग्रवाल के मुताबिक, घटना के समय सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों, संभावित लापरवाही और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच कर रही है।

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