Saturday, Oct 17

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अभिजीत दीपके को सशर्त जमानत, एक साल तक शांति बनाए रखने का आदेश; दो प्रवक्ता अब भी हिरासत में

Abhijeet Dipke Conditional Bail: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को सशर्त जमानत मिल गई। शुक्रवार को कनॉट प्लेस जाते समय हिरासत में लिए जाने और बाद में गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने सशर्त जमानती बॉन्ड पर रिहा किया। प्रमुख शर्त के तहत उन्हें एक साल तक शांति भंग नहीं करनी होगी।

शनिवार को दीपके को मंदिर मार्ग स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जमानत की अन्य शर्तें लिखित आदेश आने के बाद स्पष्ट होंगी।

'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत

दीपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का आह्वान किया था। मार्च से कुछ घंटे पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें इसमें शामिल नहीं होने का नोटिस दिया।

इसके बावजूद दीपके कनॉट प्लेस के लिए निकले और कुछ देर बाद हिरासत में ले लिए गए। AISA कार्यकर्ता नेहा बोरा को भी मंडी हाउस के पास हिरासत में लिया गया। बाद में AISA और CJP ने दोनों का पता नहीं चलने का दावा किया। पीटीआई के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड के कथित उल्लंघन पर दीपके को शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया था।

सौरव दास और आशुतोष रांका अब भी हिरासत में

CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका फिलहाल हिरासत में हैं। बुधवार को SEM ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। एक दिन पहले उन्होंने अन्य CJP सदस्यों के साथ जंतर-मंतर के प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित क्षेत्र में प्रवेश किया था।

वहीं, CJP नेता अजिंक्य शिंदे को निजी बॉन्ड पर रिहा किया गया। दास और रांका के वकील के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने दोनों पर आपराधिक अतिक्रमण और रविवार को दिल्ली कैंट थाने में SEM के सामने दिए गए शांति बनाए रखने के बॉन्ड के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

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