देश

क्लाइमेट चेंज का असर? गर्मी के बीच ठंड की वापसी! मौसम ने किया चौंकाने वाला पलटवार

Today Weather Update: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। चिलचिलाती गर्मी के बीच बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों को राहत तो दी है, लेकिन इसके पीछे छिपी वजह ने वैज्ञानिकों तक को हैरान कर दिया है। राजधानी दिल्ली में इस बार मार्च के महीने में हुई बारिश ने पिछले तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, वहीं तापमान में भी करीब 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

आखिर क्या है इस अचानक बदलाव की वजह?

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। यह ऊपरी हवा में बना एक चक्रवाती सिस्टम है, जो इस समय उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर स्थित है। इसी सिस्टम के चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश, तेज हवाएं (40–80 किमी/घंटा) और कई जगहों पर ओलावृष्टि भी देखी जा रही है। हिमालयी क्षेत्रों में इस सिस्टम का असर बर्फबारी के रूप में सामने आया है, जिससे ठंड का असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जा रहा है।

क्यों खास है यह सिस्टम?

आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों के महीनों दिसंबर से फरवरी के बीच सक्रिय रहते हैं। लेकिन इस बार जो सिस्टम बना है, वह सामान्य से बिल्कुल अलग है।
यह एक सीधी ट्रफ (rain band) के रूप में विकसित हुआ है, जिसने भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर करीब 1000 किलोमीटर लंबी बारिश की पट्टी बना दी है। मार्च के अंत में ऐसे शक्तिशाली सिस्टम का सक्रिय होना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय जेट स्ट्रीम आमतौर पर कमजोर होकर उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे ऐसे सिस्टम बनना कम हो जाता है। लेकिन इस बार यह प्रक्रिया देर से हो रही है।

इतनी नमी कहां से आ रही है?

इस पश्चिमी विक्षोभ को असामान्य रूप से ज्यादा नमी मिल रही है, जिससे यह और ताकतवर हो गया है।

• भूमध्य सागर
• कैस्पियन सागर
• काला सागर
• फारस की खाड़ी

इन सभी स्रोतों से नमी लेकर यह सिस्टम आगे बढ़ा है। भारत पहुंचने पर इसे अरब सागर से भी अतिरिक्त नमी मिल रही है, जिससे बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ गए हैं।

तापमान में गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-NCR में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम है। अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। इसके बाद 22 मार्च के आसपास एक और हल्का पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है।

क्या बदल रहा है मौसम का पैटर्न?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक सामान्य मौसम घटना नहीं है, बल्कि बदलते जलवायु पैटर्न का संकेत भी हो सकता है। पहले जहां पश्चिमी विक्षोभ का सीजन फरवरी तक खत्म हो जाता था, वहीं अब यह मार्च के अंत और यहां तक कि अप्रैल तक सक्रिय देखा जा रहा है। इसके पीछे ग्लोबल वार्मिंग और सबट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम के देर से खिसकने को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

साफ है कि मौसम का यह अप्रत्याशित बदलाव आने वाले समय में और भी बड़ी चुनौतियों का संकेत दे रहा है, जिसे समझना और इसके लिए तैयार रहना अब बेहद जरूरी हो गया है।

ये भी पढ़ें: रुपए पर बड़ा झटका! डॉलर 93 के पार, महंगाई का तूफान आने को तैयार

Shagun Chaurasia

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

4 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

5 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

6 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

6 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

6 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

7 hours ago