Covid-19 cases India 2026: आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से जुड़े आठ नए मामले और दो मौतें सामने आने के बाद संक्रमण एक बार फिर चर्चा में है। मृतकों में 60 वर्षीय और 46 वर्षीय दो पुरुष शामिल हैं। इसके बाद राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं और पड़ोसी राज्य ओडिशा ने भी आंध्र प्रदेश से लगते जिलों में कोविड मॉनिटरिंग तेज कर दी है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि महामारी के वर्षों बाद ऐसे छिटपुट मामले सामने आना असामान्य नहीं है।
पहले मरीज का इलाज वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में गंभीर फेफड़ों के संक्रमण, किडनी की बीमारी, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के लिए चल रहा था। 28 जून को उनकी मौत हो गई और बाद में हुई RT-PCR जांच में वह कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए। दूसरा मामला कडप्पा का है, जहां एक व्यक्ति की सरकारी अस्पताल RIMS में गंभीर फेफड़ों के संक्रमण और उससे जुड़ी जटिलताओं के कारण मौत हो गई। दोनों मामलों के संपर्क में आए लोगों की जांच में 40 नमूनों में से 8 लोग संक्रमित मिले।
इस बीच मुंबई में गायक कुमार सानू के बेटे जान कुमार सानू भी कोविड-19 संक्रमित पाए गए। उन्होंने बताया कि वे 12 जुलाई तक अस्पताल में भर्ती रहे और अब स्वस्थ हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, SARS-CoV-2 अब दुनिया में स्थानिक (Endemic) वायरस की तरह मौजूद है, ठीक फ्लू की तरह। समय-समय पर मामलों में बढ़ोतरी वायरस में बदलाव, लोगों की प्रतिरक्षा और मौसमी परिस्थितियों के कारण हो सकती है, लेकिन इसे महामारी की वापसी नहीं माना जा रहा। अधिकांश लोगों में संक्रमण हल्का रहेगा और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ेगी। हालांकि बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती लक्षणों में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश, दस्त, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द शामिल हो सकते हैं। हालांकि हर बुखार या सर्दी कोविड नहीं होती। ऐसे में मास्क पहनना संक्रमण फैलने से रोकने में मददगार है।
जिन लोगों को सबसे अधिक खतरा है, उनमें डायबिटीज के मरीज, किडनी, फेफड़े, लिवर और हृदय रोगी, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग तथा कैंसर का इलाज करा रहे या लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग शामिल हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण दिखते ही घर पर रहें, दूसरों से दूरी बनाए रखें, पहले एक-दो दिन में कोविड टेस्ट कराएं, पर्याप्त आराम करें, पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। यदि सांस लेने में तकलीफ हो, लक्षण बढ़ जाएं या आप हाई-रिस्क समूह में हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून वायरस को अधिक संक्रामक नहीं बनाता, लेकिन बारिश के दौरान लोग बंद और कम हवादार जगहों में अधिक समय बिताते हैं, जिससे श्वसन संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए अच्छी वेंटिलेशन, हाथों की सफाई, बीमार होने पर घर में रहना, भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में मास्क पहनना और पात्र लोगों के लिए समय पर टीकाकरण जैसे उपाय अब भी सबसे प्रभावी बचाव हैं।
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