Wednesday, Oct 07

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CJP के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस अधिकारी विवेक भगत ने प्रमोशन रोकने की मांग कर कमिश्नर को लिखा पत्र

Vivek Bhagat Promotion: दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत, जिन्हें Additional DCP के पद पर प्रमोट किया गया है, ने खुद पुलिस कमिश्नर से अपनी पदोन्नति के आदेश को फिलहाल रोकने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह कदम अपने खिलाफ यूट्यूबर द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर चल रही क्राइम ब्रांच की जांच के बीच उठाया है।

भगत फिलहाल नई दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में SDPO के पद पर तैनात हैं। 5 अक्टूबर को जारी आदेश में उन्हें 11 अन्य अधिकारियों के साथ Additional DCP बनाया गया था। आदेश पर गृह विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी रमेश कुमार के हस्ताक्षर थे। भगत ने सोमवार को कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा कि उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच में जांच लंबित है, इसलिए वह केवल अपने प्रमोशन आदेश को होल्ड पर रखने के लिए सहमति देते हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा विवाद

भगत का प्रमोशन नियमित सेवा प्रक्रिया का हिस्सा था और इसका मौजूदा विरोध-प्रदर्शन से संबंध नहीं था। हालांकि, इसके समय को लेकर सवाल उठे। Cockroach Janta Party (CJP) ने सोशल मीडिया पर प्रमोशन की आलोचना की। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भगत ने एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ की। CJP ने उनके निलंबन और FIR की मांग की है। संगठन के संस्थापक एवं संयोजक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि महिला की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को यौन उत्पीड़न और बदसलूकी से जुड़ी तीन शिकायतें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजी थीं।

कथित फर्जी वीडियो मामले में गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक व्यक्ति को कथित तौर पर स्वतंत्र पत्रकार बनकर सोशल मीडिया पर AI की मदद से तैयार फर्जी CCTV फुटेज अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में विवेक भगत को गलत तरीके से बदनाम करने की कोशिश की गई थी। आरोपी हरियाणा का रहने वाला है।

12 अधिकारियों को मिला प्रमोशन

5 अक्टूबर के आदेश में भगत के अलावा विकास श्योकंद, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेनू लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीणभाई, गरिमा तिवारी, आशीष कुमार, मनीष लाडला और रोहित गुप्ता को Additional DCP बनाया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि ये नियमित प्रमोशन थे और प्रस्ताव काफी पहले भेजा गया था। हालांकि, भगत ने जांच पूरी होने तक अपनी पदोन्नति रोकने का अनुरोध किया है। मामले पर पुलिस कमिश्नर की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 3 अक्टूबर को पत्रकारों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर धरना दिया था। AISA ने भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ बदसलूकी की और कुछ महिलाओं ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए। इन सभी आरोपों की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है।

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