, Delhi Voter List: दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव हो सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 33% मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो सकते हैं। SIR के तहत 97.47 लाख फॉर्म ही अपलोड हुए हैं। दिल्ली SIR में 97.47 लाख फॉर्म अपलोड होने के बाद ड्राफ्ट सूची से संभावित रूप से बाहर रहने वाले मतदाताओं की संख्या सरकारी आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट कीजिए, ताकि इंट्रो में 33% का असर सटीक रहे।
47.62 लाख मतदाता हो सकते हैं ‘अनकलेक्टिबल’
दिल्ली में SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय वोटर लिस्ट में करीब 1.45 करोड़ नाम दर्ज थे। इनमें से 97.47 लाख मतदाताओं के फॉर्म ही जमा और पोर्टल पर अपलोड हो सके, जो कुल संख्या का करीब 67% है। बाकी 47.62 लाख मतदाताओं को ‘अनकलेक्टिबल’ यानी जानकारी न मिल पाने वाली श्रेणी में रखा जाएगा।
घर पर नहीं मिले या कहीं और जा चुके वोटर शामिल
‘अनकलेक्टिबल’ श्रेणी में ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिले, कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा डुप्लीकेट एंट्री और अन्य कारणों से जिन मतदाताओं की जानकारी हासिल नहीं हो सकी, उन्हें भी इस श्रेणी में रखा जाएगा।
बड़े शहरों की तरह दिल्ली में भी अस्थायी आबादी बनी वजह
राजधानी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तैयार होने के दौरान करीब 33% नाम हटाए जाने का अनुमान है, जो अब तक देश में सबसे अधिक दर होगी। बुधवार को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में तेलंगाना में सबसे ज्यादा 21.59% नाम हटाए गए, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 19.09% और उत्तर प्रदेश में 18.7% नाम हटे। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने की वजह देश के दूसरे बड़े शहरों जैसी ही है। महानगरों में बड़ी संख्या में रहने वाली अस्थायी आबादी के कारण कई मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो सके। गुरुग्राम में 29%, हैदराबाद जिले में 40.99% और पुणे जिले में 27.76% फॉर्म जमा नहीं हो पाए।
24 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को जारी की जाएगी। इसके बाद राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स और आम लोगों को सूची में किसी भी तरह की गलती या आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। दिल्ली के CEO कार्यालय के अधिकारियों ने 30-40% नाम हटने का अनुमान जताया था।

