Sunday, Oct 11

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दिल्ली में CJP प्रदर्शन का असर, 170 से ज्यादा ट्रेनें रद्द; इंटरनेट बंद होने से यात्री परेशान

Delhi CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसका असर नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर भी देखने को मिला। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दिनभर में 170 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गईं। सड़क प्रतिबंधों और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद होने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाली थी। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर यह मांग उठाई थी।

वॉलेट भूले यात्री के लिए नींबू सोडा खरीदना भी बना मुसीबत

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर वाराणसी जाने के लिए पहुंचे 23 वर्षीय अभिनव को ट्रेन रद्द होने के साथ एक और परेशानी झेलनी पड़ी। नींबू सोडा खरीदने के बाद उन्हें याद आया कि वह अपना वॉलेट घर भूल आए हैं। मोबाइल इंटरनेट बंद होने के कारण वह UPI से भुगतान भी नहीं कर पा रहे थे।

अभिनव ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया कि वॉलेट भूलने और इंटरनेट न चलने से मोबाइल भुगतान संभव नहीं था। उन्हें अपनी ट्रेन रद्द होने की पहले से जानकारी नहीं थी। इसके चलते उन्हें दोपहर 2 बजे के बाद तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।

स्टेशन पर हिंदी में लगातार घोषणाएं हो रही थीं। वाराणसी जाने वाली ट्रेन के रद्द होने के बाद पुणे एक्सप्रेस के रद्द होने की सूचना भी दी गई। एक रेलवे अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि शनिवार को 170 से अधिक ट्रेनें रद्द हुईं।

धारा 163 लागू, सड़कों पर बैरिकेडिंग और सख्त जांच

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई। मध्य दिल्ली के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग की गई तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कई मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित या डायवर्ट रही।

जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस से रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार आनंद सिंह के मुताबिक, कई जगहों पर आम नागरिकों की तुलना में सुरक्षा बलों की मौजूदगी अधिक दिखाई दी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की जा रही थी और यात्रियों को वास्तविक यात्रा की पुष्टि होने पर आगे जाने दिया जा रहा था।

प्रतिबंधों के कारण स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की आवाजाही कम दिखाई दी, हालांकि वहां काफी भीड़ मौजूद थी।

रेलवे ने क्यों रद्द कीं ट्रेनें?

रेल मंत्रालय ने 9 अक्टूबर को रेलवे जोनों को भेजे पत्र में राजधानी में सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई थी। मंत्रालय के मुताबिक, प्रदर्शन के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से रेलवे स्टेशनों तक पहुंचने और यात्रियों की आवाजाही में बाधा आ सकती थी।

इसी वजह से शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर पहुंचने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गईं।

रेल मंत्रालय के अनुसार, 8 अक्टूबर को दिल्ली में ट्रैफिक जाम और सड़क अवरोधों के कारण 5,000 से ज्यादा यात्री अपनी ट्रेनें नहीं पकड़ पाए थे। प्रभावित सेवाओं में डिब्रूगढ़ राजधानी, मुंबई राजधानी और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल थीं। यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े।

CJP नेताओं की हिरासत, 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पकड़े गए

प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे CJP नेताओं अभिजीत दीप्तके, सौरव दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिया गया। इससे पहले पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया वीडियो में दावा किया था कि जंगपुरा स्थित उनके आवास के बाहर उन्हें हिरासत में लिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शहर में 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

पीटीआई के अनुसार, दोपहर के आसपास आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड गिरा दिए और सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 25-30 प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर गए। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

इंटरनेट बंद होने से यात्रियों तक नहीं पहुंची जानकारी

सुरक्षा कार्रवाई, ट्रैफिक प्रतिबंध और ट्रेनें रद्द होने से ऐसे यात्री भी प्रभावित हुए, जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था। मोबाइल इंटरनेट बंद होने के कारण कई यात्रियों के लिए ट्रेन की स्थिति जानना, घटनाक्रम की जानकारी हासिल करना और डिजिटल भुगतान करना मुश्किल हो गया।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घोषणाएं लगातार जारी रहीं। राजनीतिक प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यात्रियों को अपनी यात्रा के समय, आने-जाने के रास्तों और वैकल्पिक परिवहन को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।

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