लाइफस्टाइल

भूलने की बीमारी से बचना है तो बदलें लाइफस्टाइल, WHO की नई सलाह

Dementia Risk: डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी दुनिया भर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुकी है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि डिमेंशिया के कई मामलों को सही जीवनशैली अपनाकर रोका या काफी समय तक टाला जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता वायु प्रदूषण भी डिमेंशिया के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

वायु प्रदूषण क्यों है चिंता का विषय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिमाग की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। कई शोधों में यह संकेत मिले हैं कि वायु प्रदूषण का संबंध याददाश्त कमजोर होने और मानसिक क्षमताओं में गिरावट से हो सकता है। इसी वजह से प्रदूषण को डिमेंशिया के बढ़ते मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

दुनिया और भारत में बढ़ रही समस्या

WHO के अनुसार, दुनिया भर में करोड़ों लोग डिमेंशिया से प्रभावित हैं और हर साल लाखों नए मामले सामने आते हैं। भारत में भी उम्रदराज आबादी के बढ़ने के साथ यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में डिमेंशिया के मामलों में और वृद्धि हो सकती है, इसलिए समय रहते बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है।

डिमेंशिया का खतरा कैसे कम करें

WHO ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं

धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाएं।
शराब के सेवन से बचें या सीमित करें।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम करें।
सामाजिक रूप से सक्रिय रहें और लोगों से जुड़े रहें।
दिमाग को सक्रिय रखने के लिए पढ़ने, सीखने और मानसिक गतिविधियों में हिस्सा लें।
रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को नियंत्रित रखें।

सप्लीमेंट्स को लेकर क्या कहता है WHO

कई लोग ब्रेन हेल्थ बेहतर बनाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के ओमेगा-3 या अन्य विटामिन सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। हालांकि WHO का कहना है कि केवल सप्लीमेंट्स लेने से डिमेंशिया की रोकथाम या इलाज का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डिमेंशिया केवल बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि जीवनशैली और पर्यावरणीय कारण भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। WHO के अनुसार, स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, सामाजिक सक्रियता और प्रदूषण से बचाव जैसे कदम उठाकर भूलने की बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वस्थ मस्तिष्क के लिए आज से ही बेहतर जीवनशैली अपनाना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

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Lavanya Dayal

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