दलीप ट्रॉफी फाइनल ड्रॉ रहने के बावजूद पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन चैंपियन बना।
दलीप ट्रॉफी 2026-27 का फाइनल मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला गया। पांच दिन तक चले इस मुकाबले का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन इसके बावजूद ईस्ट जोन को चैंपियन घोषित किया गया। इसकी वजह पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त रही।
ईस्ट जोन ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। टीम ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त मिली।
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में अगर पांच दिनों के बाद मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो सिर्फ मैच का नतीजा नहीं देखा जाता। ऐसी स्थिति में पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है।
यही नियम इस फाइनल में ईस्ट जोन के काम आया। पहली पारी में 708 रन बनाने के बाद उसने साउथ जोन को 336 रन पर रोक दिया था। यानी ईस्ट जोन के पास 372 रन की स्पष्ट बढ़त थी। मुकाबला ड्रॉ होते ही यह बढ़त उसके लिए खिताबी जीत में बदल गई।
ईस्ट जोन की पहली पारी में कप्तान इशान किशन सबसे बड़े स्टार रहे। उन्होंने 334 गेंदों पर 270 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।
इशान के अलावा कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए। शिखर मोहन ने 85 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन का योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत ईस्ट जोन ने 708 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
708 रन के जवाब में साउथ जोन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हालांकि कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और 99 रन की शानदार पारी खेली। वह अपने शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए।
देवदत्त पडिक्कल ने भी 62 रन बनाए, लेकिन साउथ जोन की पूरी टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह उसे पहली पारी में ही 372 रन की बड़ी कमी का सामना करना पड़ा।
पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। टीम ने 388/7 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित की।
कुनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान इशान किशन ने 80 रन बनाए, जबकि अनुकूल रॉय ने 64 और शिखर मोहन ने 52 रन का योगदान दिया।
इससे ईस्ट जोन की कुल बढ़त 700 रन के करीब पहुंच गई और साउथ जोन के लिए आखिरी दिन मुकाबले को जीतना बेहद मुश्किल हो गया।
ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 388/7 के स्कोर पर पारी घोषित की, लेकिन पांच दिन की निर्धारित अवधि समाप्त होने तक साउथ जोन दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतर सका।
इसका मतलब यह रहा कि मैच का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली 372 रन की बढ़त पहले ही ईस्ट जोन को खिताब दिलाने के लिए पर्याप्त थी।
इस जीत के साथ ईस्ट जोन ने लंबे इंतजार के बाद दलीप ट्रॉफी अपने नाम की। टीम ने इससे पहले 2011-12 और 2012-13 में लगातार दो बार यह खिताब जीता था। अब इशान किशन की कप्तानी में टीम ने 13 साल बाद फिर ट्रॉफी पर कब्जा किया।
इस फाइनल में इशान किशन का प्रदर्शन ईस्ट जोन की जीत का सबसे बड़ा आधार रहा। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 350 रन बनाए और टीम को खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
सीधी भाषा में समझें तो समीकरण यह था:
ईस्ट जोन: 708 रन
साउथ जोन: 336 रन
पहली पारी की बढ़त: 372 रन
फाइनल का नतीजा: ड्रॉ
नियम के अनुसार विजेता: पहली पारी में बढ़त वाली टीम
इसी नियम के कारण मैच ड्रॉ होने के बावजूद ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी 2026-27 का चैंपियन घोषित किया गया।
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