Etawah Python Rescue: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक घर की रसोई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खाना बनाने पहुंची गृहणी की नजर स्लैब पर बैठे विशाल अजगर पर पड़ी। करीब 12 फीट लंबे और 25 किलो वजनी अजगर को देखते ही महिला चीखते हुए रसोई से बाहर भाग गई। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला।
रसोई में अजगर देखकर घबरा गई महिला
यह मामला इटावा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पीछे स्थित धर्म नगर कॉलोनी का है। यहां रहने वाली पूनम देर शाम अपने बच्चों के लिए खाना बनाने रसोई में पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी नजर रसोई के स्लैब पर बैठे एक विशाल अजगर पर पड़ी। अजगर का आकार इतना बड़ा था कि उसे देखते ही पूनम घबरा गईं और चीखते हुए घर से बाहर भाग निकलीं। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। रसोई में विशाल अजगर होने की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में डर का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया गया।
कड़ी मशक्कत के बाद किया गया अजगर का रेस्क्यू
सूचना मिलने पर वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रसोई में मौजूद विशाल अजगर को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद परिवार और मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। गृहणी पूनम ने बताया कि उन्होंने अपने मोहल्ले में इतना विशाल अजगर पहले कभी नहीं देखा था। अचानक रसोई में उसे देखकर वह बुरी तरह डर गई थीं। हालांकि, अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत महसूस की। पूनम के तीन छोटे बच्चे हैं और उनके पति मजदूरी करते हैं।
विषहीन है अजगर, लेकिन काटने पर हो सकता है खतरा
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुताबिक, रसोई से पकड़ा गया अजगर पायथन मोलुरस प्रजाति का था। यह विषहीन सर्प है, यानी इसके अंदर जहर नहीं होता। हालांकि, इसके काटने से गंभीर संक्रमण और गैंग्रीन जैसी समस्या का खतरा हो सकता है। इतना ही नहीं, अपने विशाल आकार और ताकत के कारण यह किसी को चोट भी पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि अजगर की लंबाई 12 फीट से अधिक और वजन करीब 25 किलो था। ऐसे में घर के अंदर उसकी मौजूदगी परिवार के लिए खतरा बन सकती थी। विशेषज्ञ ने यह भी बताया कि अजगर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्राणी है। इसे मारना या नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
रेस्क्यू के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया अजगर
रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ने के बाद सामाजिक वानिकी विभाग, इटावा के दिशा-निर्देशन में फिशर वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इस तरह वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से अजगर को बिना नुकसान पहुंचाए उसके प्राकृतिक वातावरण में पहुंचाया गया। अजगर के घर से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद परिवार और धर्म नगर कॉलोनी के लोगों ने राहत की सांस ली। रसोई जैसी जगह पर इतने विशाल अजगर का मिलना सभी के लिए हैरान करने वाला था। समय रहते सूचना मिलने और रेस्क्यू टीम की कार्रवाई से एक बड़ा खतरा टल गया।
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