Saturday, Oct 24

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El-Nino का यूरोप पर बरसा भयंकर कहर, भीषण गर्मी से इस साल 50,000 से ज्यादा लोगों की मौत

Europe Heatwave Deaths 2026: यूरोप में 2026 की गर्मियों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने हजारों लोगों की जान ले ली। एक नए अध्ययन के मुताबिक, जून से अगस्त के बीच भीषण गर्मी से 50 हजार से अधिक मौतों का अनुमान है। इनमें करीब 32,619 मौतों को मानवजनित जलवायु परिवर्तन से जोड़ा गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल से बढ़ता तापमान लू को अधिक जानलेवा बना रहा है।

यूरोप के 854 शहरों में किया गया अध्ययन

'नेचर हेल्थ' में प्रकाशित होने वाले अध्ययन में यूरोप के 854 शहरों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। वर्ष 2025 में इन्हीं शहरों में गर्मी से करीब 24,400 मौतों का अनुमान था, जिनमें लगभग 16,500 जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं।

इटली, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, वास्तविक संख्या ज्यादा हो सकती है, क्योंकि अध्ययन में मई की गर्मी शामिल नहीं है। साथ ही, इन शहरों में यूरोप की केवल 40 प्रतिशत आबादी रहती है। मौसमी बदलावों में अल-नीनो की भी भूमिका बताई गई है।

बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर

अध्ययन के अनुसार, करीब एक-तिहाई मौतें 17 जून से 1 जुलाई के बीच हुईं, जब तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक था। मृतकों में आधे से ज्यादा लोग 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। वहीं, 20 से 44 वर्ष के 800 से अधिक लोगों की भी जान गई।

जलवायु परिवर्तन ने कैसे बढ़ाया खतरा?

इंपीरियल कॉलेज लंदन की जलवायु वैज्ञानिक और प्रमुख लेखिका क्लेयर बार्न्स के मुताबिक, पश्चिमी और उत्तरी यूरोप की इमारतें तथा बुनियादी ढांचा इतनी भीषण गर्मी के लिए तैयार नहीं हैं।

शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर मॉडल से जलवायु परिवर्तन के बिना संभावित तापमान और मौतों का अनुमान लगाकर वास्तविक परिस्थितियों से तुलना की। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल घटाने और गर्मी से बचाव के बेहतर इंतजाम नहीं होने पर आने वाले वर्षों में मौतों का खतरा बढ़ सकता है।

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