FCRA Amendment Bill 2026: केंद्र सरकार ने संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष से बातचीत शुरू करने के साथ ही FCRA संशोधन विधेयक, 2026 पर नरम रुख के संकेत दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि विधेयक में कोई भी दंडात्मक पूर्वव्यापी (Retrospective) प्रावधान नहीं होगा। हालांकि, नागरिक समाज और धार्मिक संगठनों की आशंकाएं अब भी बरकरार हैं। उनका कहना है कि संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े प्रस्तावित नियमों का इस्तेमाल पुराने निवेशों और संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए किया जा सकता है।
FCRA संशोधन विधेयक, 2026 मौजूदा मानसून सत्र में पेश होगा या नहीं, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने के लिए तैयार होता है या नहीं। संसद का मौजूदा मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन को लेकर अल्पसंख्यक संगठनों से किया गया आश्वासन पार्टी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। वहीं, दक्षिण भारत से आने वाले भाजपा के एक अन्य नेता ने दावा किया कि FCRA संशोधन विधेयक आने के बाद कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों द्वारा फैलाए जा रहे उस दुष्प्रचार की पोल खुल जाएगी, जिसमें यह कहा जा रहा है कि यह कानून विशेष रूप से ईसाई समुदाय को निशाना बनाने के लिए लाया जा रहा है।
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