Thursday, Oct 22

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eMudhra और PHP समेत कई प्लेटफॉर्म पर साइबर संकट, 24 घंटे में दुनियाभर में मचा हड़कंप

Global Cybersecurity Threats 2026: दुनियाभर में पिछले 24 घंटों के दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए हैं। वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज PHP में दो बड़ी खामियां मिली हैं। वहीं, भारतीय कंपनी eMudhra के कमजोर सिक्योरिटी कीज, NodeJS की सुरक्षा कमजोरियों और LiteLLM पर साइबर हमले ने चिंता बढ़ा दी है। कई सरकारी वेबसाइटें एहतियातन बंद की गई हैं और कंपनियों के संवेदनशील डेटा पर खतरा मंडरा रहा है। खास बात यह है कि ये घटनाएं अक्टूबर में हो रही हैं, जिसे साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।

PHP में दो गंभीर खामियां, NSA और FBI ने जारी की चेतावनी

दुनियाभर की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाली PHP में दो गंभीर सुरक्षा खामियां मिली हैं। इन्हें संयुक्त रूप से PHP2Shell कहा जा रहा है। इनके जरिए हैकर्स बिना किसी लॉगिन या अनुमति के प्रभावित वेब सर्वर का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।

PHP फाउंडेशन ने इन खामियों को 10 में से 9.2 की गंभीरता रेटिंग दी है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) और FBI ने संस्थानों को तुरंत सुरक्षा अपडेट लगाने की सलाह दी है। अपडेट संभव नहीं होने पर प्रभावित सिस्टम को अस्थायी रूप से ऑफलाइन करने को कहा गया है।

बताया गया है कि ये खामियां करीब एक दशक से मौजूद थीं, जिन्हें OpenAI के AI मॉडल GPT-5.6 Sol ने खोजा। PHP फाउंडेशन ने 21 अक्टूबर को इमरजेंसी अपडेट जारी किया। फिनलैंड और नीदरलैंड समेत कई देशों की सरकारी वेबसाइटें एहतियातन बंद की गईं।

eMudhra की कमजोर सिक्योरिटी कीज से बढ़ा खतरा

भारतीय डिजिटल सर्टिफिकेट कंपनी eMudhra पर बेहद कमजोर प्राइवेट कीज इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। डिजिटल सर्टिफिकेट वेबसाइट की पहचान प्रमाणित करते हैं और ब्राउजर में सुरक्षित कनेक्शन दिखाने वाले लॉक चिह्न से जुड़े होते हैं। कमजोर कीज का फायदा उठाकर हैकर्स नकली सर्टिफिकेट बना सकते हैं। 17 अक्टूबर को वेन नाम के सुरक्षा शोधकर्ता ने तकनीकी कंपनियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने emudhra.we-have-a-problem.com वेबसाइट बनाकर डिजिटल हस्ताक्षर वाला संदेश जारी किया, जिसमें लिखा था, 'We have a problem here – Wayne.'

सामान्य सुरक्षित प्राइवेट की में लगभग 384 बिट की जटिल रैंडमनेस होती है, जिससे करीब 116 अंकों की संख्या बनती है। लेकिन eMudhra की आठ कीज केवल 4, 56, 66, 115, 155, 156, 230 और 237 थीं। एक बाइट में सिर्फ 256 संभावित मान होने के कारण शोधकर्ताओं ने सभी आठ कीज एक सेकंड से भी कम समय में निकाल लीं।

मामला सामने आने के बाद Apple, Google और Mozilla ने Safari, Chrome और Firefox में संबंधित सर्टिफिकेट ब्लॉक कर दिए। Cloudflare ने भी इमरजेंसी सुरक्षा उपाय लागू किए। eMudhra के मुताबिक, आठ में से केवल एक सर्टिफिकेट का वास्तविक उपयोग हुआ था और किसी से भी व्यक्तिगत वेबसाइटों के सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए। CERT-In ने एडवाइजरी जारी की है। यूजर्स को ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट करने की सलाह दी गई है।

NodeJS ने चार गंभीर सुरक्षा खामियां ठीक कीं

ब्राउजर के बाहर JavaScript चलाने वाले ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म NodeJS ने बुधवार को चार उच्च गंभीरता वाली कमजोरियों के लिए अपडेट जारी किया। एक खामी हैकर्स को दूर से सिस्टम पर कोड चलाने की अनुमति दे सकती थी। वहीं, TLS सर्टिफिकेट से जुड़ी दो कमजोरियों के कारण सर्वर की पहचान जांचने वाली सुरक्षा प्रक्रिया को बायपास किया जा सकता था।

NodeJS ने सभी समर्थित वर्जन अपडेट करने और पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वालों को नए वर्जन अपनाने की सलाह दी है। अपडेट में नया सर्टिफिकेट स्टोर भी शामिल है, जो eMudhra और अन्य ब्लॉक किए गए इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट को रोकता है।

LiteLLM में मैलवेयर, संवेदनशील डेटा चोरी होने का खतरा

अलग-अलग AI मॉडल प्रदाताओं तक अनुरोध पहुंचाने वाले ओपन-सोर्स प्रॉक्सी LiteLLM में भी सेंधमारी हुई। हमलावर ने दुर्भावनापूर्ण कोड डाला, जिससे सिस्टम जानकारी, ब्राउजर डेटा, डेवलपर सीक्रेट्स, क्लाउड क्रेडेंशियल और AI टूल्स की ऑथेंटिकेशन फाइलें चोरी हो सकती थीं।

साइबर सुरक्षा कंपनी Wiz के अनुसार, मैलवेयर ने Python स्टार्टअप हुक का इस्तेमाल किया। इससे LiteLLM सीधे खोले बिना भी कोई असंबंधित Python कमांड मैलवेयर सक्रिय कर सकती थी। LiteLLM ने प्रभावित रिलीज और इमेज हटा दी हैं तथा यूजर्स को सुरक्षा सुधार के निर्देश दिए हैं। मार्च के बाद इस साल यह कंपनी की दूसरी रिपोर्ट की गई साइबर घटना है।

Railway के ग्राहकों की गोपनीय जानकारी पर खतरा

क्लाउड प्लेटफॉर्म Railway ने बुधवार को ग्राहक एनवायरनमेंट वेरिएबल्स रखने वाले सिस्टम में संदिग्ध गतिविधि मिलने की जानकारी दी। जांच में आशंका जताई गई कि किसी अनधिकृत व्यक्ति ने कुछ वेरिएबल्स की डिक्रिप्टेड जानकारी हासिल की। इनमें डेटाबेस क्रेडेंशियल, API कीज और अन्य संवेदनशील जानकारी शामिल हो सकती है।

Railway के अनुसार, हमला संभवतः AI इन्फरेंस प्रदाताओं को निशाना बनाने वाले व्यापक अभियान का हिस्सा है। शुरुआती आकलन में सीमित ग्राहक प्रभावित होने की संभावना है। फिर भी कंपनी ने सभी ग्राहकों से एनवायरनमेंट वेरिएबल्स, API कीज और प्राइवेट रजिस्ट्री क्रेडेंशियल बदलने तथा संदिग्ध गतिविधियों के लिए सर्विस लॉग जांचने को कहा है।

Microsoft का खुलासा, AI से 2,250 से ज्यादा सिस्टम निशाने पर

Microsoft ने चीन से जुड़े हैकिंग समूह Storm-0940 के AI आधारित साइबर अभियान का खुलासा किया है। समूह ने ओपन-सोर्स पेनिट्रेशन टेस्टिंग फ्रेमवर्क ARTEX का इस्तेमाल करके हमलों को स्वचालित किया। हैकर्स ने IT सेवा कंपनी ConnectWise की Cloud Backup सेवा को निशाना बनाया। उन्होंने Microsoft 365 खातों से जुड़ने वाली विश्वसनीय डिजिटल कीज का दुरुपयोग करके सामान्य लॉगिन प्रक्रिया को बायपास किया।

टूल ने प्रति मिनट 2,900 लॉगिन प्रयास किए और 2,250 से ज्यादा कंपनियों के सिस्टम तक पहुंचने की कोशिश की। कुछ क्लाउड नेटवर्क में तीन घंटे से भी कम समय में गहरी पहुंच हासिल कर ली गई।

निशाने पर एयरोस्पेस, रक्षा, ऑटोमोबाइल, रसायन, ऊर्जा, वित्त, सरकारी विभाग, कानूनी सेवाएं, मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया, सैन्य क्षेत्र, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी, थिंक टैंक और गैर-लाभकारी संस्थाएं थीं। ConnectWise Cloud Backup इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को आधिकारिक निर्देश आने तक कनेक्शन बंद रखने को कहा गया है। IT टीमों को Microsoft 365 के लॉग और अनधिकृत एडमिन भूमिकाओं की जांच करने तथा सबूत सुरक्षित रखने के लिए प्रभावित एप्लिकेशन डिलीट करने के बजाय डिसेबल करने की सलाह दी गई है।

SBI के 3,900 ग्राहकों का डेटा उजागर, AI हमलों पर भी चेतावनी

साइबर हमलों का असर भारत में भी दिखाई दिया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने पुष्टि की है कि साइबर हमले में लगभग 3,900 ग्राहकों के रिकॉर्ड उजागर हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, 3,897 रिकॉर्ड चोरी करके डार्क वेब पर डाले गए। इससे पहले CERT-In ने भी चेतावनी दी थी कि AI एजेंट भारतीय संगठनों के गोपनीय डेटा तक पहुंच बनाने में सफल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, AI आधारित हमलों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच कंपनियों के लिए अपने आंतरिक सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित मानना मुश्किल होता जा रहा है।

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