Gwalior Train Theft: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जीआरपी ने ट्रेनों में यात्रियों का सामान चोरी करने के आरोप में दीपक मौर्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बीटेक ग्रेजुएट है और उसके पिता एयरफोर्स में नौकरी करते हैं। आरोप है कि वह लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोच में सफर कर यात्रियों के बैग चोरी करता था। पुलिस ने उसके कब्जे और निशानदेही पर 34 बैग समेत करीब 8.26 लाख रुपये का सामान बरामद किया है।
महंगे कपड़े पहनकर AC कोच में करता था सफर
पुलिस के अनुसार, आरोपी ट्रेन में आम यात्री की तरह सफर करता था। वह अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में सवार होता, ताकि किसी को उस पर शक न हो। सफर के दौरान वह यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता था और मौका मिलते ही उनका बैग लेकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था। आरोप है कि वह चोरी के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करना चाहता था। हालांकि, चोरी के पीछे बताए जा रहे इस मकसद की आधिकारिक पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर होनी बाकी है।
बीटेक ग्रेजुएट है आरोपी, पहले फाइनेंस कंपनी में करता था काम
जांच में आरोपी की पहचान दीपक मौर्य के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, वह बीटेक की पढ़ाई कर चुका है और पहले एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। उसके पिता एयरफोर्स में नौकरी करते हैं। जीआरपी की डीएसपी कीर्ति नरवरिया के मुताबिक, आरोपी को आर्थिक नुकसान हुआ था। इसके बाद उसकी परिस्थितियां बदलीं और उसके चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस अब उसके पुराने कामकाज और चोरी की घटनाओं से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
जीटी एक्सप्रेस समेत चोरी के दूसरे मामलों की जांच
जांच के दौरान जीटी एक्सप्रेस में हुई चोरी का मामला भी सामने आया है। गोल का मंदिर क्षेत्र के प्रगति विहार निवासी दीपक शर्मा के सामान की चोरी के मामले में आरोपी की भूमिका की जांच की गई। इसके अलावा, नागपुर निवासी विशाखा शशिकांत के सामान की चोरी के एक अन्य मामले में भी उसका नाम सामने आने की जानकारी है। पुलिस इन मामलों में आरोपी की भूमिका और चोरी की घटनाओं के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
34 बैग समेत 8.26 लाख रुपये का सामान बरामद
ग्वालियर जीआरपी ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर कुल 34 बैग बरामद किए हैं। इनमें ट्रॉली बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान शामिल बताया गया है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये आंकी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जीआरपी यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन-किन ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाया और बरामद सामान किन लोगों का है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और सामान की पहचान से चोरी की अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
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