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CJP आंदोलन को विदेश से फंडिंग का आरोप, हरीश साल्वे बोले- मोदी सरकार को हटाने की कोशिश

by | Oct 12, 2026 | News Top

Harish Salve CJP Movement: भारत के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने CJP आंदोलन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को विदेशों से फंडिंग मिल रही है और इसके पीछे विदेशी ताकतें काम कर रही हैं। साल्वे ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहती हैं। उन्होंने अपने बयान में अमेरिका का भी विशेष रूप से जिक्र किया और कहा कि भारत के साथ उसके संबंधों में मौजूदा परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विदेश से फंडिंग का आरोप, अमेरिका का किया जिक्र

लंदन में अपनी बात रखते हुए हरीश साल्वे ने आरोप लगाया कि आंदोलन को बाहर से आर्थिक मदद मिल रही है और इसके पीछे विदेशी स्तर पर प्रेरित करने वाली ताकतें हैं। उन्होंने कहा, “ये प्रयास बाहर से फंडेड है, मैं तो आरोप लगा रहा हूं कि ये बाहर से फंडेड है, ये बाहर से मोटिवेटेड है।” साल्वे ने अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा कि वह भारत से काफी नाखुश है। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, कनाडा के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और कई मुक्त व्यापार समझौतों पर काम हो रहा है, जबकि अमेरिका के मामले में बातचीत एक स्तर पर आकर अटक गई है।

नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश का उदाहरण देकर उठाए सवाल

हरीश साल्वे ने अपने आरोपों के समर्थन में नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन देशों में हुए घटनाक्रमों के पीछे कौन-सी ताकतें थीं। बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि बाहरी शक्तियां इन घटनाओं में भूमिका निभा रही हैं। साल्वे ने आशंका जताई कि इसी तरह की स्थिति भारत में भी पैदा करने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, ये उनके आरोप और दावे हैं; प्रस्तुत जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि से जुड़ा कोई विवरण नहीं दिया गया है।

CJP नेताओं की भूमिका और फंडिंग पर उठाए सवाल

CJP से जुड़े नेताओं का जिक्र करते हुए हरीश साल्वे ने अभिजीत दिपके और सौरव दास के नाम लिए। उन्होंने सवाल किया कि ये लोग अचानक आंदोलन के प्रमुख चेहरों के रूप में कैसे सामने आए और इन्हें आर्थिक मदद कहां से मिल रही है। उन्होंने सौरव दास को यूट्यूबर बताते हुए उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। साल्वे ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस बात पर संदेह नहीं है कि एक कोशिश चल रही है। उनके मुताबिक, पिछले छह से आठ महीनों में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें चाहती हैं कि अगर मोदी सरकार उनके मुताबिक काम नहीं कर रही है, तो उसे हटाकर ऐसे लोगों को लाया जाए जो उनके अनुकूल हों। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटना सरकार की जिम्मेदारी है।

कौन हैं हरीश साल्वे

हरीश साल्वे भारत के प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह वर्ष 1999 से 2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे। उन्होंने पाकिस्तान में बंद पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में भारत का पक्ष रखा था। वह वोडाफोन टैक्स विवाद समेत कई बड़े कानूनी मामलों से भी जुड़े रहे हैं। साल 2015 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

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