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80वां स्वतंत्रता दिवस: लाल किले पर क्या-क्या होगा खास, मिनट-दर-मिनट शेड्यूल

by | Aug 14, 2026 | News Featured

Independence Day 2026 Red Fort Ceremony: भारत शुक्रवार, 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। समारोह को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम कई मायनों में खास माना जा रहा है। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए समारोह की रूपरेखा तैयार की गई है।

प्रधानमंत्री का होगा औपचारिक स्वागत

लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री को तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी जाएगी। गार्ड ऑफ ऑनर में सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल होंगे, जो राष्ट्रीय सम्मान और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगे।

ध्वजारोहण और 21 तोपों की सलामी

समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण राष्ट्रीय ध्वज फहराने का होगा। प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण करते ही पूरे परिसर में राष्ट्रगान गूंजेगा और परंपरा के अनुसार 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद सेना के बैंड द्वारा देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे समारोह का माहौल और अधिक गौरवपूर्ण बन जाएगा।

पहली बार विशेष रूप से गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

इस वर्ष समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। ध्वजारोहण के बाद सैन्य बैंड द्वारा इसकी धुन बजाई जाएगी, जिससे लाल किले का वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक और सैन्य प्रस्तुतियां भी समारोह की भव्यता को बढ़ाएंगी।

5,000 विशेष अतिथि होंगे शामिल

स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, नवाचार करने वाले युवा, किसान, महिला प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट नागरिक शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

झीलों के नाम पर बनाए गए विशेष घेरे

इस बार समारोह में बैठने की व्यवस्था को भी नया स्वरूप दिया गया है। पारंपरिक वीआईपी संस्कृति से अलग संदेश देने के लिए विभिन्न बैठने वाले क्षेत्रों का नाम देश की प्रसिद्ध झीलों के नाम पर रखा गया है। इससे भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को भी सम्मान देने का प्रयास किया गया है।

80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह केवल राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास यात्रा का प्रतीक भी होगा। लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन, ध्वजारोहण, 21 तोपों की सलामी और देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम पूरे देश में उत्साह और गर्व का माहौल बनाएंगे।

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