Monday, Oct 26

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सरकार ने E100 ईंधन से चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को दी मंजूरी, मोटर वाहन नियमों में किया संशोधन

E100 Ethanol Fuel India: केंद्र सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 के साथ E100 ईंधन को भी मंजूरी दे दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया है। E100 में लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल होता है, हालांकि बेहतर दहन के लिए इसमें थोड़ी मात्रा में पानी मौजूद हो सकता है।

26 अक्टूबर से नए नियम लागू

मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की, जिसे 26 अक्टूबर को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इससे पहले 27 अप्रैल को मसौदा नियम जारी हुए थे। जनता की आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की गई।

किन गाड़ियों में इस्तेमाल होगा E100?

फ्लेक्स-फ्यूल वाहन पेट्रोल से लेकर E100 तक, एथेनॉल-पेट्रोल के किसी भी मिश्रण पर चल सकते हैं। इनके सेंसर ईंधन के अनुसार इंजन की सेटिंग बदलते हैं।

हालांकि, केवल प्रमाणित वाहन ही E85 और E100 इस्तेमाल कर सकेंगे। सामान्य पेट्रोल वाहन, जिनमें E20 (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल) पर चलने वाली गाड़ियां भी शामिल हैं, बिना उचित प्रमाणन के इन ईंधनों का इस्तेमाल नहीं कर सकतीं।

E100 के लिए इंजन में बदलाव जरूरी

एथेनॉल के संक्षारक प्रभाव के कारण सील, फ्यूल लाइन और इंजेक्टर जैसे हिस्सों को अपग्रेड करना होगा। इंजन मैनेजमेंट सिस्टम में भी बदलाव जरूरी होंगे। E100 प्रति लीटर पेट्रोल से लगभग एक-तिहाई कम ऊर्जा देता है। इसलिए बड़े फ्यूल टैंक या बार-बार ईंधन भरवाने की जरूरत पड़ सकती है।

ब्राजील में 2003 से विकसित फ्लेक्स-फ्यूल व्यवस्था में गन्ने से बने एथेनॉल का व्यापक इस्तेमाल होता है, हालांकि वहां कम एथेनॉल वाला पेट्रोल चुनने का विकल्प भी है।

भारत में भी प्रमुख वाहन कंपनियां E100-अनुकूल गाड़ियां लाने की तैयारी कर रही हैं। नए नियमों से इन्हें नियामकीय रास्ता मिलेगा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।

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