भारत दुनिया के सबसे बड़े मछली उत्पादक देशों में शामिल है। देश में समुद्री और मीठे पानी दोनों तरह की मछलियों का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि पश्चिम बंगाल या ओडिशा जैसे तटीय राज्य मछली उत्पादन में सबसे आगे होंगे, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं। दरअसल, भारत में सबसे ज्यादा मछली उत्पादन करने वाला राज्य आंध्र प्रदेश है। यह राज्य न सिर्फ घरेलू बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखता है, बल्कि यहां से तैयार मछली और समुद्री उत्पाद अमेरिका, जापान, चीन और यूरोप के कई देशों तक निर्यात किए जाते हैं।
दक्षिण भारत का राज्य आंध्र प्रदेश पिछले कई वर्षों से मछली उत्पादन में लगातार शीर्ष पर बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई बड़े कारण हैं लंबा समुद्री तट आधुनिक एक्वाकल्चर तकनीक, बड़ी संख्या में फिश फार्म और सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं राज्य में झींगा (Shrimp) और कई तरह की मछलियों की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
आंध्र प्रदेश सिर्फ समुद्री मछलियों के लिए ही नहीं, बल्कि मीठे पानी की फिश फार्मिंग के लिए भी जाना जाता है। राज्य में तालाब आधारित मछली पालन , नदी और नहरों में उत्पादन और बायोफ्लॉक जैसी नई तकनीकों का तेजी से उपयोग बढ़ा है। इसी वजह से यहां उत्पादन लागत कम और मुनाफा ज्यादा माना जाता है।
आंध्र प्रदेश से तैयार समुद्री उत्पादों की मांग विदेशों में भी काफी ज्यादा है। खासकर झींगा, टूना और प्रोसेस्ड फिश प्रोडक्ट्स अमेरिका, जापान, चीन और यूरोपीय देशों में निर्यात किए जाते हैं। भारत के समुद्री निर्यात में आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी काफी अहम मानी जाती है। एक्सपोर्ट कंपनियां यहां से बड़े पैमाने पर फ्रोजन फिश और सी-फूड विदेश भेजती हैं।
फिशरी सेक्टर भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा स्रोत माना जाता है। इस उद्योग से लाखों मछुआरे जुड़े हैं ग्रामीण इलाकों में रोजगार मिलता है, और विदेशी मुद्रा कमाने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का समुद्री निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है।
मछली उत्पादन के मामले में आंध्र प्रदेश के बाद पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, और ओडिशा जैसे राज्यों का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। हालांकि उत्पादन और निर्यात दोनों मामलों में आंध्र प्रदेश लगातार आगे बना हुआ है।
भारतीय समुद्री उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से भारतीय झींगा, फ्रोजन फिश, और प्रोसेस्ड सी-फूड विदेशी बाजारों में काफी पसंद किए जा रहे हैं। इससे भारत की ग्लोबल फूड सप्लाई चेन में भी मजबूत पहचान बन रही है।
भारत में मछली उत्पादन की बात हो तो अब सिर्फ पश्चिम बंगाल या ओडिशा का नाम नहीं लिया जाता। आंध्र प्रदेश ने आधुनिक तकनीक, बड़े फिश फार्म और मजबूत एक्सपोर्ट नेटवर्क के दम पर खुद को देश का सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य बना लिया है। अमेरिका और जापान जैसे देशों तक पहुंच रही सप्लाई यह दिखाती है कि भारतीय फिशरी सेक्टर अब वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है।
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