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भारत की पहली बुलेट ट्रेन का काम तेज, समुद्र के नीचे बनेगी 7 KM लंबी सुरंग; जानें कब शुरू होगी सेवा

by | Oct 25, 2026 | देश

India First Bullet Train: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुंबई से अहमदाबाद के बीच बनने वाले 508 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर ट्रैक, पुल, सुरंग और स्टेशनों का निर्माण जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा करते हुए बताया कि बुलेट ट्रेन की पहली सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू करने का लक्ष्य है। इस परियोजना की सबसे खास बात मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में जमीन से करीब 100 फीट नीचे बनाया जा रहा स्टेशन और ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरने वाली लगभग 7 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे की सुरंग है। बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

508 किलोमीटर लंबा होगा मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड कॉरिडोर

भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलेगी। इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। यह महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी में कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना अब केवल घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पहली सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद जताई है।

मुंबई में जमीन से 100 फीट नीचे बनेगा स्टेशन

बुलेट ट्रेन परियोजना का मुंबई स्थित बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्टेशन अपनी गहराई के कारण खास है। यह स्टेशन जमीन से करीब 32 मीटर नीचे यानी लगभग 100 फीट की गहराई पर बनाया जा रहा है। रेल मंत्री के मुताबिक, मुंबई के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र BKC में इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का एकमात्र भूमिगत स्टेशन तैयार किया जा रहा है। इतनी गहराई में स्टेशन बनाने के लिए तीन स्तर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स और सेवाओं से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। इस स्टेशन पर छह प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। इनमें से प्रत्येक प्लेटफॉर्म की लंबाई 400 मीटर से अधिक होगी। इस तरह स्टेशन का निर्माण परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों में शामिल है।

समुद्र के नीचे से गुजरेगी 7 किलोमीटर लंबी सुरंग

बुलेट ट्रेन परियोजना की एक और बड़ी विशेषता ठाणे क्रीक के नीचे बनाई जा रही सुरंग है। महाराष्ट्र में इस कॉरिडोर के तहत करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे होगा। यह भारत की पहली समुद्र के नीचे बनने वाली रेल सुरंग होगी। इसके जरिए बुलेट ट्रेन ठाणे क्रीक के नीचे से होकर गुजरेगी। इस सुरंग के निर्माण के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो चट्टानों को काटकर रास्ता तैयार कर रही हैं।

3,000 टन से ज्यादा वजन वाली मशीनों से खुदाई

रेल मंत्री की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 में विक्रोली और सावली से दो टनल बोरिंग मशीनें शुरू की गई थीं। ये भारत में इस्तेमाल की जा रही सबसे बड़ी मशीनों में शामिल हैं। प्रत्येक मशीन का कटरहेड 13.6 मीटर व्यास का है, जिसकी ऊंचाई लगभग चार मंजिला इमारत के बराबर बताई गई है। हर मशीन का वजन 3,000 टन से अधिक है और इसकी लंबाई करीब 96 मीटर है। यह लंबाई लगभग पांच क्रिकेट पिचों के बराबर है। इन विशाल मशीनों की मदद से सुरंग की खुदाई की जा रही है। समुद्र के नीचे से रेल मार्ग तैयार करना इस परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में से एक है।

320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी बुलेट ट्रेन की रफ्तार

मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगी। जानकारी के मुताबिक, दोनों शहरों के बीच इसकी औसत गति करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की योजना है। इस रफ्तार के साथ बुलेट ट्रेन देश में रेल यात्रा के अनुभव को नया रूप देने वाली परियोजना होगी। हालांकि, इसकी सेवाओं की शुरुआत निर्धारित समयसीमा के अनुसार होने पर ही यात्रियों को इसका लाभ मिल सकेगा।

मुंबई से अहमदाबाद के बीच होंगे 12 स्टेशन

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कुल 12 प्रमुख स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। इन स्टेशनों के जरिए महाराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न शहरों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

कॉरिडोर के 12 स्टेशन हैं:

मुंबई (BKC)
ठाणे
विरार
बोइसर
वापी
बिलिमोरा
सूरत
भरूच
वडोदरा
आनंद
अहमदाबाद
साबरमती

2027 में पहली सेवा शुरू करने का लक्ष्य

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में भूमिगत स्टेशन, समुद्र के नीचे सुरंग और अत्याधुनिक हाईस्पीड रेल ट्रैक जैसे कई बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, पहली सेवा 2027 की आखिरी तिमाही में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर निर्माण कार्य जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है।

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