Israel Terror Attack Warning: भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने चेतावनी दी है कि दुनिया को कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद की एक और लहर का सामना करना पड़ सकता है। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेजी से अपनी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं। यह बयान फ्लाईदुबई विमान में कथित हाईजैक प्रयास की पृष्ठभूमि में आया है।
अजार ने कहा कि आतंकियों से आगे रहने के लिए देशों को तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी और सतर्क रहना होगा। उनकी टिप्पणी 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की तीसरी बरसी के बीच आई है, जिसने गाजा युद्ध की शुरुआत की थी।
पाकिस्तान में हमास की गतिविधियों का जिक्र
आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग पर अजार ने कहा कि हमास का प्रभाव मध्य पूर्व से बाहर भी दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में हमास के कुछ शीर्ष कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं। नाजी जहीर और खालिद अल-कदूमी जैसे हमास नेताओं के जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का भी उन्होंने दावा किया। उन्होंने कहा कि भारत में मिली खुफिया सूचनाओं में लश्कर के कैडरों को हमास के ऑपरेशनल तरीकों की ट्रेनिंग दिए जाने की बात सामने आई है। अजार ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले को इसी प्रभाव का उदाहरण बताया, जिसमें 25 पर्यटकों की मौत हुई थी और इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ।
फ्लाईदुबई घटना को बताया ‘वर्तमान खतरा’
फ्लाईदुबई मामले में अजार ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला किसी अकेले व्यक्ति की कार्रवाई थी या नहीं, लेकिन खतरा वास्तविक है। जांच के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर हमला कर विमान का नियंत्रण लेने और उसे तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की। मच्छर ने मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को काबू किया। जांचकर्ताओं के अनुसार अल-हम्मामी कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित था।
अजार ने बताया कि ऐसी स्थिति में इजरायल की आपात सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय हुई थी और वायुसेना को अलर्ट किया गया था। जरूरत पड़ने पर राजनीतिक नेतृत्व विमान को रोकने के लिए लड़ाकू विमान भेजने का फैसला कर सकता था। उन्होंने कहा कि 38 वर्षीय भारतीय पायलट स्मित मच्छर, जिन्होंने हमले में खोपड़ी में फ्रैक्चर समेत कई चोटें झेलीं, और यात्रियों की बहादुरी से बड़ी त्रासदी टल गई।
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