Jaish-e-Mohammed Bahawalpur: पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मार्काज सुब्हान अल्लाह का पुनर्निर्माण पूरा हो गया है। इंडिया टुडे टीवी को मिले एक्सक्लूसिव विजुअल्स के मुताबिक, मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त परिसर को नए संगमरमर, प्लास्टर और पेंट से फिर तैयार किया गया है। क्षतिग्रस्त गुंबद भी दोबारा बनाए गए हैं और केंद्रीय हॉल के इम्पैक्ट क्रेटर भर दिए गए हैं।
25 करोड़ रुपये से हुआ पुनर्निर्माण
खुफिया इनपुट के अनुसार, पाकिस्तानी प्रतिष्ठान ने जैश को पुनर्निर्माण के लिए 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की किस्तों में नकदी दी। इसमें करीब 11 करोड़ रुपये सिर्फ केंद्रीय हॉल को दोबारा बनाने में खर्च हुए। मुख्य परिसर से सटे मदरसा अल-साबिर और जैश कमांडरों के आवासीय हिस्सों को भी हटाकर वहां नया निर्माण किया जा रहा है।
अप्रैल में भी दिखी थी निर्माण गतिविधि
मई 2026 की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में क्षतिग्रस्त गुंबदों पर गहरे रंग का ताजा सीमेंट और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी दिखाई दी थी। एक जियो-इंटेलिजेंस शोधकर्ता ने इसे परिसर को फिर सक्रिय करने की कोशिश बताया था।
JeM का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र
18 एकड़ में फैला यह परिसर उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां मस्जिद के साथ जैश के कैडरों की भर्ती, ट्रेनिंग और ब्रेनवॉशिंग से जुड़ी गतिविधियां होती थीं। यह जगह अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर, लाहौर से लगभग 400 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और पाकिस्तान सेना की 31 कॉर्प्स की कैंटोनमेंट के पास है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ढांचे पर हमला किया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले में मसूद अजहर के रिश्तेदारों समेत 13 लोगों के मारे जाने की बात JeM ने कही थी। JeM को पाकिस्तान ने 2002 में प्रतिबंधित किया था, लेकिन संगठन वहां सक्रिय रहा है। इसे 2001 संसद हमले, 2016 पठानकोट हमले और 2019 पुलवामा आत्मघाती हमले से जोड़ा गया है। पुलवामा हमले की साजिश भी इसी परिसर में रचे जाने की बात सामने आई थी। मसूद अजहर और अन्य वरिष्ठ JeM नेता पाकिस्तान में बने हुए हैं।
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