Jharkhand: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में रेलवे की स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 महिला श्रमिकों से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। बड़ा-जामदा रेलवे साइडिंग में काम करने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पक्की नौकरी दिलाने के बदले उनसे 1,500 से लेकर 50,000 रुपये तक वसूले। महिलाओं का दावा है कि पैसे जमा करने के बाद उन्हें रसीद भी दी गई थी।
नौकरी का भरोसा देकर महिलाओं से वसूले पैसे
पीड़िताओं के मुताबिक, बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग में चार ठेकेदारों के जरिए श्रमिकों से काम कराया जाता है। इसी दौरान भारतीय रेलवे मानदेय श्रमिक यूनियन के नेता चंदन बोयपाई और उनके सहयोगी मनोरंजन बेहरा ने कथित तौर पर महिला श्रमिकों को रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया।
नौकरी मिलने की उम्मीद में महिलाओं ने अपनी मेहनत की कमाई से अलग-अलग रकम जमा कर दी। हालांकि, लंबे समय तक नियुक्ति नहीं होने पर उन्हें धोखाधड़ी का संदेह होने लगा।
पैसे लेने के बाद गायब हुए आरोपी
महिलाओं का आरोप है कि रकम लेने के बाद संबंधित लोग बड़ाजामदा से गायब हो गए। उनके मोबाइल फोन भी बंद मिलने लगे, जिससे पीड़िताओं की चिंता बढ़ गई। इसके बाद महिलाओं ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया।
40 महिलाओं ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
शुक्रवार शाम पीड़ित महिलाएं बड़ा-जामदा पुलिस स्टेशन पहुंचीं और लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इससे पहले महिलाएं पश्चिमी सिंहभूम की पुलिस अधीक्षक से मिलने चाईबासा भी गई थीं। शिकायत के दौरान सारंडा मंडल के प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र महाकुड़ भी मौजूद रहे। उन्होंने निष्पक्ष जांच और महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग की।
रसीद और पैसों के लेन-देन की होगी जांच
मामले में यह जांच का विषय है कि नौकरी दिलाने के नाम पर रकम किस आधार पर ली गई और महिलाओं से क्या वादे किए गए थे। बड़ा-जामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने पुष्टि की कि रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी की शिकायत मिली है और जांच जारी है। फिलहाल आरोपियों का पक्ष सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और रकम के लेन-देन की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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