Viksit Bharat 2047 Conclave
Viksit Bharat 2047 Conclave : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने विकसित भारत 2047 कॉन्क्लेव में कहा कि यह उनके लिए जिगर, जज़्बा और विज़न की बात है, और आप लोग उसी पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब वह कैबिनेट की बैठक में बैठे थे, तो उनके सामने एक लिफाफा आया। लिफाफा खोलने पर उनके नाम के पीछे लिखा था—“MSME।” वे समझ नहीं पाए कि यह कौन सा विभाग है और उन्हें क्या मिला है।
बैठक के बाद सभी लोग प्रधानमंत्री को प्रणाम करके जा रहे थे। उसी क्रम में में भी आगे बढ़े और मन में जिज्ञासा थी कि यह विभाग कौन सा है। जैसे ही प्रधानमंत्री के करीब पहुंचा, प्रधानमंत्री ने खुद ही कहा—“मांझी जी, मैं अपना विज़न वाला विभाग आपको दे रहा हूं।”
उन्होंने अपना इस मंत्रालय में अनुभव साझा करते हुए कहा- एक साल से अधिक समय तक संभालने के अनुभव के बाद, मैं न केवल 100%, बल्कि 1000% विश्वास के साथ कह सकता हूं कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की बात पूरी तरह सत्य है। उन्होंने वास्तव में अपना नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास का विज़न मुझे सौंपा है। यदि हम सभी मिलकर इसे आगे बढ़ाएं, तो निश्चित रूप से आज की सभी चर्चाओं पर सार्थक परिणाम सामने आ सकते हैं। मैं न तो कोई विद्वान हूँ, न शोधकर्ता—फिर भी, अपने अनुभव के आधार पर इसे पूरे मन से साझा कर रहा हूं।
उन्होंने आगे कहा – “मैं एकदम सामान्य, दिहाती आदमी हूं और दिहात की दृष्टि से जो अनुभव मेरे पास हैं, उसी को लेकर मैं आज आपसे बात करना चाहता हूं। मैं आपको भारत के पूर्वी क्षेत्र की उस अवस्था में ले जाना चाहता हूं, जब हिंदुस्तान को लोग “सोने की चिड़िया” कहते थे।”
केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मध्यम मंत्री इसके साथ आगे बोले- “उस समय आधुनिक तकनीकी जंतर-मंतर नहीं थे, बड़े-बड़े इंडस्ट्रीज़ नहीं थे, जिससे कार्बन डायऑक्साइड का उत्सर्जन होता। उसी वजह से भारत का लगभग 33% हिस्सा जंगलों से घिरा हुआ था, बारिश पर्याप्त होती थी और लोग सवस्तु, स्वस्थ और सरल जीवन जीते थे।
उन्होंने आगे कहा – “हमारे दिहाती समाज में लोग प्राकृतिक और संतुलित जीवन जीते थे। लोग कहते थे, “सतत् जीवः”—अर्थात् सादा और सच्चा जीवन जियो। उस समय बार्टर सिस्टम चलता था। लोग अपनी जरूरतों के अनुसार सामान का आदान-प्रदान करते थे—कपड़ा बनाने वाले, तेल बनाने वाले, बर्तन बनाने वाले, लकड़ी के काम करने वाले। लेकिन आज समय बदल गया है। हमारी लंबाई में कमी आई है। पुराने जमाने में मानव की औसत ऊंचाई 5.5–6 फीट थी, लेकिन अब यह लगभग 5.7 फीट के आसपास है। बदलाव के कारण जीवन शैली, खान-पान और रहन-सहन का प्रभाव माना जा सकता है।"
ये भी पढ़ें : भारत दौरे ने पुतिन की खोई वैश्विक पकड़ को फिर उठाया, जाने रूस को क्या मिला फायदा
जीतन राम मांक्षी ने अपने विभाग पर ध्यान डालते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2016 में इंडस्ट्री विभाग से MSME विभाग बनाया। MSME विभाग के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दिया गया है। इसमें दो पोर्टल—Udyam Portal और Udyam Assist Portal—के माध्यम से 30 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। हमने लगभग 8,000 छोटी इकाइयों को बढ़ावा दिया। यदि इनमें हर इकाई में 4 लोग कार्यरत हैं, तो लगभग 31–32 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। यह संख्या प्रधानमंत्री के लक्ष्य से चार गुना अधिक है।
MSME विभाग प्रदूषण और रोजगार दोनों से लड़ सकता है। छोटे उद्योगों के माध्यम से पर्यावरण की समस्या कम करने और रोजगार देने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है।
जीतन राम मांक्षी ने कहा – “मैं खुद समाज के उन वर्गों में से हूं जिन्हें समाज में सबसे नीचे माना जाता है—दलित और महादलित। हमारे समाज में शिक्षा का प्रतिशत बहुत कम है। उदाहरण के लिए, बिहार में साक्षरता का प्रतिशत बहुत कम है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि सभी को समान शिक्षा मिले। हमारे समाज में आज भी समान शिक्षा की व्यवस्था नहीं है। 99.9% लोग सरकारी स्कूलों तक ही सीमित हैं और प्राइवेट शिक्षा तक नहीं पहुंच पाते।”
उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में परिवारवाद राजनीति में बड़ा मुद्दा है। अक्सर, किसी राजनीतिज्ञ के बेटे या परिवार को पद मिलता है। मैं अपने अनुभव के माध्यम से यह बताना चाहता हूं कि हमारे परिवार ने हमेशा पारदर्शिता और मेहनत को महत्व दिया। मेरे बेटे ने अपनी नौकरी छोड़कर परिवार के साथ काम किया, इसके बाद उसने उच्च शिक्षा—MA, PhD, NET—पूरा किया और अब कॉलेज में प्रोफेसर है। यह दिखाता है कि मेहनत और शिक्षा से ही समाज में बदलाव आता है, न कि सिर्फ पद और संबंध से।
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…
Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…
AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…