Tuesday, Sep 29

होम = Cover Story Global = रूस में सफल हुआ भारत का कावेरी इंजन ट्रायल, 48.5 kN थ्रस्ट से बढ़ी स्वदेशी ताकत

रूस में सफल हुआ भारत का कावेरी इंजन ट्रायल, 48.5 kN थ्रस्ट से बढ़ी स्वदेशी ताकत

Kaveri Dry Engine: भारत के स्वदेशी कावेरी ड्राई इंजन ने रूस में हाई-एल्टीट्यूड और फ्लाइट ट्रायल पूरे कर लिए हैं। परीक्षण के दौरान इंजन ने 46 किलोन्यूटन के लक्ष्य के मुकाबले 48.5 kN थ्रस्ट हासिल किया। इसे GTRE ने विकसित किया है। ड्राई इंजन में आफ्टरबर्नर नहीं होता, जिससे ड्रोन के लिए लंबे समय तक स्थिर और अपेक्षाकृत किफायती थ्रस्ट मिल सकता है।

घातक ड्रोन के लिए अहम

यह इंजन DRDO के घातक स्टील्थ UCAV के संभावित पावर सोर्स के तौर पर महत्वपूर्ण है। हाई-एल्टीट्यूड परीक्षणों में प्रदर्शन और फ्लाइट ट्रायल में स्थिरता ने इसकी क्षमता दिखाई। अब अंतिम एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन के लिए CEMILAC की मंजूरी बाकी है। इसके बाद HAL उत्पादन संभाल सकता है और इंजन को घातक में एकीकृत किया जा सकेगा। इससे आयातित इंजनों पर निर्भरता घटाने और भविष्य के UAV/UCAV कार्यक्रमों को आधार मिलने की उम्मीद है।

कावेरी 2.0 पर भी काम

GTRE नए कोर के साथ कावेरी 2.0 विकसित कर रहा है, जिसका लक्ष्य 55–60 kN ड्राई और आफ्टरबर्नर के साथ 90–100 kN थ्रस्ट है। दी गई जानकारी के अनुसार इसकी क्षमता GE F404 के बराबर या बेहतर लक्ष्य की गई है। F404 की आपूर्ति में देरी से तेजस Mk1A की डिलीवरी प्रभावित हुई है। योजना है कि 2030 के दशक में ओवरहाल चक्र के दौरान कावेरी 2.0 को तेजस बेड़े में शामिल किया जाए, जिससे विदेशी सप्लाई-चेन जोखिम घटे। ड्राई इंजन घातक के लिए ईंधन बचत और स्टेल्थ संचालन में भी उपयोगी माना जा रहा है।

ये भी पढ़े: कोर्ट पहुंचकर वांटेड होने का सवाल पूछना पड़ा भारी, 30 किलो चांदी चोरी में इंजीनियर गिरफ्तार