Saturday, Oct 24

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‘जवाबदेही चाहिए, फोटो-ऑप नहीं’, चीन पर ITBP चीफ के बयान के बाद खड़गे के PM मोदी से सवाल

Mallikarjun Kharge: भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ टकराव संबंधी बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सफाई मांगी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में जवाबदेही जरूरी है, केवल राजनयिक मुलाकातें और फोटो-ऑप पर्याप्त नहीं हैं।

अरुणाचल में टकराव को लेकर खड़गे ने जताई चिंता

ITBP के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में जुलाई से चीनी सैनिकों के साथ आमने-सामने टकराव की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस ने इस बयान को गंभीर बताते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। खड़गे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अरुणाचल प्रदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ लगातार टकराव की पुष्टि चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया कि डोकलाम और गलवान के बाद क्या एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भारतीय सेना की गश्त करने की पहुंच प्रभावित हुई है और देश को इस मामले की पूरी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही।

चीन से व्यापार और निवेश को लेकर भी सवाल

खड़गे ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि गलवान में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद वित्त वर्ष 2020-21 में चीन से आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर चीन भारतीय निर्यात में बाधा डालता है, वहीं दूसरी ओर सरकार चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में ढील देने और चीन से जुड़ी पात्र कंपनियों को उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) का लाभ देने पर विचार कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ‘मेक इन इंडिया’ की नीति चीन से आयात पर निर्भर होती जा रही है।

मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकातों के नतीजों पर उठाए सवाल

खड़गे ने भारत और चीन के बीच हुई राजनयिक वार्ताओं का हवाला देते हुए उनके नतीजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कम से कम 23 मुलाकातें और बातचीत हुई हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधियों की 25 दौर की वार्ता और सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की 36 बैठकें हुई हैं। खड़गे ने पूछा कि इन वार्ताओं के बावजूद क्या मई 2020 से पहले भारत को हासिल पेट्रोलिंग के अधिकार पूरी तरह बहाल हो गए हैं? उन्होंने कहा कि विपक्ष पर हमला करने के बजाय प्रधानमंत्री को संसद और पूरे देश को भरोसे में लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर जवाबदेही जरूरी’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी को देश के सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति के स्वागत और दोनों देशों के बीच राजनयिक मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकतीं। कांग्रेस ने ITBP प्रमुख के बयान के आधार पर सीमा की स्थिति, भारतीय सैनिकों की गश्त और चीन के साथ आर्थिक संबंधों को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है।

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