Kundli Money and Relationship: हर व्यक्ति चाहता है कि उसके रिश्ते मजबूत रहें, पैसा टिके और जीवन में सुख-सुविधाएं बनी रहें। लेकिन कई बार रिश्तों में तनाव, आर्थिक परेशानियां और करियर में रुकावटें आने लगती हैं। ज्योतिषाचार्य आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, जन्म कुंडली के अलग-अलग भावों और ग्रहों की स्थिति से इन विषयों से जुड़े ज्योतिषीय संकेतों को समझा जा सकता है।
आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, प्रेम संबंधों के लिए पंचम भाव और विवाह के लिए सप्तम भाव महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पंचम भाव में शनि, राहु या मंगल की स्थिति को प्रेम संबंधों में परेशानियों से जोड़ा जाता है। सप्तम भाव कमजोर होने या उस पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर वैवाहिक जीवन में विवाद की आशंका मानी जाती है। इसलिए केवल गुण मिलान के बजाय कुंडली के अन्य पहलुओं को भी देखना जरूरी बताया जाता है।
आचार्य लव भूषण जी के मुताबिक, सिंह राशि के जातक जल्दी प्यार में पड़ सकते हैं, जबकि तुला राशि वालों को रिश्तों में स्थिरता पसंद होती है। वहीं, वृश्चिक राशि के लोग अपनी भावनाएं आसानी से जाहिर नहीं करते और अपना दर्द अक्सर अपने तक रखते हैं।
आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, दूसरे भाव के स्वामी का आठवें या बारहवें भाव में होना धन के न टिकने से जोड़ा जाता है। मंगल-बुध की युति को कर्ज या बार-बार उधार लेने की स्थिति से संबंधित माना गया है। गुरु की कन्या राशि में स्थिति को भी आर्थिक परेशानियों से जोड़ा गया है। उपाय: आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, सफाई कर्मियों को ठंडी खीर या दूध का दान करने का उपाय बताया गया है।
आचार्य लव भूषण जी के मुताबिक, कन्या राशि वालों को नौकरी में अच्छा प्रदर्शन करने वाला माना जाता है। यदि वे बिजनेस करते हैं, तो अनुशासन और समय प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं, तुला राशि वालों को व्यापार के अवसर पहचानने में कुशल माना जाता है।
आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों को सोशल मीडिया पर सफलता मिलने की संभावना अधिक मानी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इन राशियों को बुध और शुक्र के प्रभाव से जोड़ा जाता है। हालांकि, सोशल मीडिया पर सफलता कंटेंट और निरंतर मेहनत पर भी निर्भर करती है।
आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, चौथा भाव घर और सुख-सुविधाओं से जुड़ा माना जाता है, जबकि शुक्र को वाहन का कारक कहा जाता है। चौथे भाव में मंगल के साथ राहु, शनि या केतु की स्थिति को घर से जुड़ी परेशानियों से जोड़ा जाता है। शुक्र की कमजोर स्थिति को वाहन संबंधी समस्याओं का संकेत माना जाता है। वहीं, पंचम और छठे भाव के संबंध को शेयर बाजार या सट्टे से लाभ की संभावना तथा आठवें और ग्यारहवें भाव के संबंध को अचानक धन मिलने के संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, ऐसे लाभ के स्थायी होने की गारंटी नहीं मानी जाती।
आचार्य लव भूषण जी के अनुसार, वृषभ राशि के जातक मीठी वाणी, सिंह राशि वाले उत्साही स्वभाव और कर्क राशि वाले संवेदनशीलता के लिए पहचाने जाते हैं। उनका कहना है कि ज्योतिष को डर के बजाय मार्गदर्शन का माध्यम समझना चाहिए। रिश्तों, धन और करियर से जुड़े फैसलों में कुंडली के साथ व्यावहारिक परिस्थितियों, मेहनत और सही जानकारी को भी महत्व देना जरूरी है।
ये भी पढ़ें: कुंडली में छिपे हैं धन, प्यार और सफलता के राज? ज्योतिषाचार्य आचार्य लव भूषण ने बताया ग्रहों का प्रभाव
Betel Leaf Home Remedies: भारत में पान के शौकीनों की कमी नहीं है। बनारसी पान…
Bengaluru SIR Protest: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और अन्य…
Astrology Remedies: जीवन में कभी काम अटक जाते हैं, कभी कारोबार में ग्राहक नहीं मिलते…
Mamata Banerjee Attack Attempt: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता…
Hajipur Boat Accident: बिहार के हाजीपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा…
Shriya Saran AI Deepfake: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल फिल्मी सितारों के लिए परेशानी…
View Comments