Lucknow Gomti River Flood: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बक्शी का तालाब (बीकेटी), लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बक्शी का तालाब तहसील के ग्राम हरदा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। सीएम योगी ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
हवाई सर्वेक्षण के बाद मौके पर पहुंचे सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने जमीन पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की। प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। सीएम योगी के निर्देश पर बक्शी का तालाब, फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में राशन किट और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। डीएम, नगर आयुक्त और स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं।
50 से ज्यादा जिलों में बारिश का असर
सीएम योगी ने बताया कि पिछले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर के साथ नेपाल में हुई भारी बारिश का पानी नीचे आने के कारण गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने के संबंध में निर्देश दिए।
दो दशक बाद धरोहरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
गोमती नदी के बढ़े जलस्तर का असर लखनऊ की कई प्रमुख जगहों पर भी दिखाई दे रहा है। करीब दो दशकों बाद शहर में ऐसे बाढ़ जैसे हालात बने हैं। गोमती नगर स्थित रिवर फ्रंट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। हनुमंत धाम का बड़ा हिस्सा भी पानी में डूब गया है। यहां झूला, पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा और गुंबद तक जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा नव निर्मित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और वहां बने म्यूजियम तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
फैजुल्लागंज में सबसे ज्यादा असर, 150 नावें तैनात
फैजुल्लागंज में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। यहां कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 150 नावें तैनात की गई हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार के मुताबिक, सीतापुर में जलस्तर स्थिर होने से जल्द ही पानी घटने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन का फोकस लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने पर है। संक्रमण से बचाव के लिए दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।
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