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‘तीसरी बार गलती नहीं करेगी नंदीग्राम की जनता’, जेल से बाहर आते ही मिलन प्रधान का CM शुभेंदु पर हमला

by | Sep 30, 2026 | News Story

Milan Pradhan interim bail: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े छह मामलों में गिरफ्तार प्रधान अब चुनाव प्रचार कर सकेंगे।

जमानत के बाद शुभेंदु अधिकारी पर निशाना

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मिलन प्रधान को 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने उन्हें 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार की अनुमति भी दी है। उन्हें 21 अक्टूबर को निचली अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। जेल से बाहर आने के बाद मिलन प्रधान ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि नंदीग्राम की जनता एक बार और दो बार गलती कर सकती है, लेकिन तीसरी बार गलती नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम के लोग किसी के सामने नहीं झुकेंगे और उन्हें मजबूती से वोट देंगे।

‘नंदीग्राम के लोग सच्चाई जानते हैं’

मिलन प्रधान ने बीजेपी उम्मीदवार हसीरन रथ को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे उनका सम्मान करते हैं, लेकिन नंदीग्राम के इतिहास और भूमि आंदोलन को लेकर कई सवाल हैं। प्रधान ने 2007 के भूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इसी आंदोलन से शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक उदय हुआ था और अब उसी आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

चुनाव प्रचार के लिए मिला सीमित समय

नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है और प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में जमानत मिलने के बाद मिलन प्रधान के पास प्रचार के लिए सीमित समय है। उन्होंने कहा कि वे इस समय में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिरासत का दावा

कांग्रेस ने दावा किया है कि मिलन प्रधान को जमानत मिलने के साथ ही नंदीग्राम में प्रचार कर रहे पार्टी के दो कार्यकर्ताओं माणिक फकीर और सुकृति रंजन बिस्वास को हिरासत में लिया गया। इस दावे की अलग से पुलिस पुष्टि का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। मिलन प्रधान के खिलाफ 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े छह मामले हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास और हथियार कानून से जुड़े आरोप शामिल हैं। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया था, जबकि प्रधान की ओर से पुराने मामलों और उनकी गिरफ्तारी के समय को लेकर दलीलें दी गई थीं।

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