Tuesday, Sep 29

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रिश्ता खत्म होने के बाद ब्लॉक करना सही या दूरी बनाना? एक्सपर्ट ने बताया फर्क

Relationship Boundaries: किसी के दुख पहुंचाने, निराश करने या धोखा देने के बाद उससे दूरी बनाना मानसिक शांति के लिए आसान रास्ता लग सकता है। लेकिन हर स्थिति में ब्लॉक या अनफॉलो करना जरूरी नहीं होता। मेंटल हेल्थ एजुकेटर, सर्टिफाइड NLP कोच, मेडिटेशन और योग टीचर व लेखिका देविना कौर के मुताबिक, बाउंड्री का अर्थ रिश्ते में यह स्पष्ट करना है कि आप क्या स्वीकार करेंगे और क्या नहीं।

उन्होंने बताया कि बाउंड्री तय करने का मतलब रिश्ते को बेहतर बनाने की कोशिश और बेहतर संवाद की गुंजाइश रखना भी है।

दूरी और रिश्ता खत्म करने में अंतर

कौर के अनुसार दूरी बनाना अस्थायी कदम हो सकता है। तनाव ज्यादा होने पर व्यक्ति कुछ समय पीछे हट सकता है, लेकिन संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं करता। वहीं किसी को काट देना यानी संपर्क और रिश्ता समाप्त कर देना है। आमतौर पर ब्रेकअप के बाद ऐसा किया जाता है। उनके मुताबिक बाउंड्री रिश्ते की सीमाएं तय करती है, जबकि कट-ऑफ का अर्थ कनेक्शन खत्म करना है।

कब संपर्क खत्म करना जरूरी हो सकता है?

अगर समस्या सिर्फ गलतफहमी है तो पहले खुलकर बात करना बेहतर हो सकता है। लेकिन बातचीत तभी काम करती है जब दोनों लोग समस्या सुलझाने के लिए तैयार हों। अगर एक व्यक्ति ही लगातार समझाने और रिश्ते को सुधारने की कोशिश करता रहे, जबकि दूसरा वही व्यवहार दोहराता रहे, तो रिश्ते पर दोबारा विचार करना जरूरी हो सकता है। बार-बार अपमान महसूस होना और स्पष्ट रूप से चिंता बताने के बावजूद सामने वाले का सीमाएं तोड़ते रहना भी संकेत हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, कपड़ों पर मजाक करने से असहजता बताने के बाद भी पार्टनर ऐसा करता रहे, तो रिश्ते का मूल्यांकन जरूरी है।

एक घटना नहीं, व्यवहार का पैटर्न देखें

एक खराब दिन या बहस के बजाय बार-बार दोहराए जा रहे व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। कौर के अनुसार लोग गलतियां कर सकते हैं और रिश्तों में मुश्किल दौर आ सकते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि सामने वाला आपकी चिंता समझता है या नहीं और अपने व्यवहार में वास्तविक बदलाव की कोशिश करता है या नहीं।

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