Delhi Property Rates: दिल्ली में ऊंची इमारतों का रास्ता जल्द खुल सकता है। सरकार FAR बढ़ाने पर विचार कर रही है, जिससे एक प्लॉट पर ज्यादा निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। हालांकि, प्रॉपर्टी बाजार से जुड़ी एक बड़ी समस्या अभी भी बरकरार है। दिल्ली में सर्किल रेट पिछले 10 साल से नहीं बदले हैं। दिल्ली में FAR बढ़ने से निर्माण क्षमता बढ़ सकती है, लेकिन पुराने सर्किल रेट का प्रॉपर्टी खरीदारों और विक्रेताओं पर असर बाजार की अगली बड़ी चिंता बना रहेगा।
नोएडा में 11 साल में 51% बढ़े सर्किल रेट
दिल्ली से सटे शहरों में सर्किल रेट की तस्वीर बिल्कुल अलग है। नोएडा में 2014 से 2025 के बीच सर्किल रेट में औसतन 51.4% की बढ़ोतरी हुई। सबसे ऊंची कैटेगरी में यह रेट ₹78,000 से बढ़कर ₹1.19 लाख प्रति वर्ग मीटर पहुंच गया है।
गुरुग्राम में करीब तीन गुना हुआ सर्किल रेट
गुरुग्राम में सर्किल रेट में बढ़ोतरी नोएडा से भी ज्यादा रही। यहां 2014 से 2025 के बीच औसतन 176.9% की वृद्धि दर्ज की गई। DLF Phase II और Phase IV में रेट ₹72,000 से बढ़कर ₹2.17 लाख प्रति वर्ग मीटर हो गए, यानी करीब तीन गुना का उछाल आया है। नोएडा और गुरुग्राम में सर्किल रेट बढ़ने के बाद दिल्ली के पुराने रेट का असर समझने के लिए खरीदारों और विक्रेताओं पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण जरूरी है।
दिल्ली में 10 साल से नहीं बदले सर्किल रेट
दिल्ली की सभी 8 प्रॉपर्टी कैटेगरी के सर्किल रेट 2014 से 2025 तक जस के तस बने हुए हैं। इस दौरान NCR में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकारी स्तर पर तय न्यूनतम कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। दिल्ली में कैटेगरी A का सर्किल रेट ₹7.74 लाख प्रति वर्ग मीटर, कैटेगरी B का ₹2.46 लाख और कैटेगरी H का ₹23,280 प्रति वर्ग मीटर है। लंबे समय से रेट नहीं बदलने के कारण कई इलाकों में वास्तविक बाजार कीमत और सरकारी सर्किल रेट के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।

