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NSEL घोटाला: 13 साल बाद निवेशकों को बड़ी राहत, 3,464 करोड़ की संपत्ति बेचने की कोर्ट ने दी मंजूरी

NSEL Scam Investor Settlement: नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (NSEL) मामले में मुंबई की विशेष PMLA कोर्ट ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की गई करीब 3,464 करोड़ रुपये की संपत्तियों को बेचने की अनुमति दी है। इससे मिलने वाली रकम में से पहले चरण में 1,950 करोड़ रुपये निवेशकों के सेटलमेंट के लिए इस्तेमाल होंगे। 8 अक्टूबर 2026 को अदालत ने यह आदेश M.A. संख्या 169/2026 में PMLA स्पेशल केस संख्या 4/2015 के तहत दिया। इससे 2013 के पेमेंट डिफॉल्ट के बाद करीब 13 वर्षों से रकम वापसी का इंतजार कर रहे निवेशकों को उम्मीद मिली है।

5,682 निवेशकों को मिलेंगे 1,950 करोड़ रुपये

अदालत के आदेश के अनुसार, संपत्तियों की बिक्री से अधिकतम 1,950 करोड़ रुपये 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को दिए जाएंगे। कंपनी निर्धारित लेनदारों के प्रतिनिधि के रूप में रकम प्राप्त करेगी। भुगतान NCLT द्वारा मंजूर सेटलमेंट स्कीम की शर्तें पूरी होने के बाद होगा। योजना के तहत 5,682 पात्र लेनदारों को एकमुश्त भुगतान किया जाना है।

अतिरिक्त रकम पर कोर्ट की निगरानी

कुछ संपत्तियां महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स एक्ट (MPID), 1999 के तहत भी अटैच हैं। इसलिए ED संबंधित सक्षम प्राधिकरण से परामर्श लेकर बिक्री प्रक्रिया पूरी करेगा। ED ने निवेशकों को राहत देने की व्यवस्था पर अनापत्ति जताई है। बिक्री से 1,950 करोड़ रुपये से अधिक रकम मिलने पर वह विशेष अदालत की निगरानी में रहेगी। उसका अंतिम निपटारा कानूनी कार्यवाही के परिणाम के आधार पर होगा।

2013 में सामने आया था भुगतान संकट

NSEL मामले में 2013 में मुंबई के एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई थी। बाद में जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई। एक्सचेंज प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली कंपनी, उसके निदेशकों, अधिकारियों, भुगतान में चूक करने वाले 25 सदस्यों और अन्य लोगों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और जालसाजी के आरोप लगे।

आरोप था कि वास्तविक कमोडिटी स्टॉक के बिना ट्रेडिंग कराई गई। इससे करीब 13,000 निवेशकों के लगभग 5,600 करोड़ रुपये फंस गए। ED ने PMLA, 2002 के तहत ECIR दर्ज की। एजेंसी अब तक 35 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर करीब 3,464.03 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। विशेष अदालत में अभियोजन और पूरक शिकायतें भी दाखिल की गई हैं।

सेटलमेंट स्कीम को 92 प्रतिशत से अधिक समर्थन

NCLT मुंबई ने 28 नवंबर 2025 को कंपनी अधिनियम की धाराओं 230-232 के तहत सेटलमेंट स्कीम मंजूर की थी। इसे 92 प्रतिशत से अधिक लेनदारों का समर्थन मिला। पात्र निवेशकों को सत्यापित दावे की कम से कम लगभग 42 प्रतिशत रकम मिलने का प्रावधान है। 15 जनवरी 2026 को NCLAT ने योजना के खिलाफ अपील खारिज की। सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी खारिज हुई। इसके बाद 13 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने संबंधित अदालतों और प्राधिकरणों को योजना लागू करने के लिए जल्द आदेश देने का निर्देश दिया।

पहले भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए थे 17.47 करोड़

ED पहले भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त जस्टिस प्रदीप नंदराजोग की अध्यक्षता वाली समिति के निर्देश पर टिंबर ट्रेल ट्रैवल टुडे प्राइवेट लिमिटेड के शेयर और उनसे हुई कमाई उपलब्ध करा चुकी है। इनकी कीमत करीब 17.47 करोड़ रुपये थी। ED ने कहा कि वह वित्तीय अपराधों से जुड़ी संपत्तियों की पहचान, जब्ती, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में अभियोजन और पात्र निवेशकों को कानूनी प्रक्रिया के तहत रकम लौटाने के प्रयास जारी रखेगी।

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