Pakistan hockey team controversy: पाकिस्तान की नेशनल हॉकी टीम इन दिनों ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेल से ज्यादा विवादों की वजह से चर्चा में है। मैदान पर प्रदर्शन की बात अलग है, लेकिन टीम के खिलाड़ियों को जिन हालातों का सामना करना पड़ा, उसने पाकिस्तान हॉकी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो ने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
दौरे के दौरान सामने आई तस्वीरों में पाकिस्तानी खिलाड़ी हॉस्टल-टाइप किचन में बर्तन धोते और सफाई करते नजर आए। बताया जा रहा है कि टीम को होटल सुविधा नहीं मिल पाई, इसलिए उन्हें सीमित बजट में साधारण आवास में ठहराया गया। खिलाड़ियों को खुद खाना बनाना, किचन साफ करना और बर्तन धोने जैसे काम करने पड़े। ये तस्वीरें वायरल होते ही पाकिस्तान में खेल प्रशासन की कड़ी आलोचना शुरू हो गई। पूर्व खिलाड़ियों और फैंस का कहना है कि राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों में रखना बेहद शर्मनाक है और इससे खिलाड़ियों का मनोबल भी प्रभावित होता है।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एयरपोर्ट पर भी टीम को लंबी पूछताछ और दस्तावेज जांच से गुजरना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों के ट्रैवल और पेमेंट संबंधी कागजों में स्पष्टता नहीं थी, जिसके चलते टीम को काफी देर तक रोका गया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की जमकर आलोचना हुई और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई पाकिस्तान की हॉकी टीम को एक और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम जब तय शहर में मैच खेलने पहुंची, तो होटल बुकिंग में गड़बड़ी की वजह से खिलाड़ियों को काफी देर तक बाहर ही इंतजार करना पड़ा।खिलाड़ी अपने किट बैग और सामान के साथ होटल लॉबी और बाहर फुटपाथ पर बैठे नजर आए। कुछ खिलाड़ियों ने जमीन पर बैठकर आराम किया, तो कुछ थकान के कारण बाहर ही खड़े रहे। इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
असल में पाकिस्तान हॉकी लंबे समय से वित्तीय संकट से गुजर रही है। खिलाड़ियों की सैलरी और मैच फीस में देरी, ट्रेनिंग कैंप के लिए सीमित संसाधन और विदेशी दौरों के लिए अपर्याप्त बजट इन्हीं कारणों से टीम को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। कई बार खिलाड़ियों ने खुलकर शिकायत भी की है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप सुविधाएं नहीं दी जातीं।
पाकिस्तान के पूर्व हॉकी खिलाड़ियों ने इसे “राष्ट्रीय खेल का अपमान” बताया। उनका कहना है कि एक समय था जब पाकिस्तान हॉकी विश्व की नंबर-वन टीमों में गिनी जाती थी, लेकिन अब हालत इतनी खराब हो गई है कि खिलाड़ी बेसिक सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं कि अगर यही स्थिति रही तो युवा खिलाड़ी हॉकी को करियर के तौर पर चुनना ही बंद कर देंगे।
इस पूरे मामले ने पाकिस्तान के खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। खिलाड़ियों की प्राथमिक जरूरतों की अनदेखी की जा रही। अंतरराष्ट्रीय टूर्स की योजना ठीक से नहीं बनती। अगर हालात नहीं सुधरे तो पाकिस्तान हॉकी का स्तर और नीचे जा सकता है।
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