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‘हर गली में जंतर-मंतर’: SIR के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होंगे सीतारमण के पति परकला प्रभाकर

by | Oct 21, 2026 | Breaking, News Top, देश

Parakala Prabhakar Anti SIR Protest: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर 23 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन में शामिल होंगे। 'पीपल अगेंस्ट SIR' गठबंधन के इस आंदोलन में कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अभिनेता प्रकाश राज भी हिस्सा लेंगे। प्रदर्शनकारी SIR रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे।

'हर गली में जंतर-मंतर' का आह्वान

प्रभाकर ने X पर 23 अक्टूबर को लोकतंत्र की बहाली के लिए जनमार्च का आह्वान किया। प्रदर्शन में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, किसान नेता राकेश टिकैत, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और लेखक तुषार गांधी के भी शामिल होने की उम्मीद है।

गठबंधन ने INDIA ब्लॉक के दलों से समर्थन मांगा है, हालांकि उनकी भागीदारी की पुष्टि नहीं हुई है।

कौन हैं परकला प्रभाकर?

आंध्र प्रदेश के नरसापुरम में जन्मे प्रभाकर की मुलाकात निर्मला सीतारमण से JNU में हुई थी। अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद दोनों ने 1986 में शादी की।

प्रभाकर भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों के मुखर आलोचक हैं। अपनी किताब The Crooked Timber of New India में उन्होंने नोटबंदी, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कथित कमजोरी पर सवाल उठाए हैं।

वह 2009 में चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से जुड़े थे। वर्ष 2014 से 2018 तक चंद्रबाबू नायडू सरकार के संचार सलाहकार रहे। आंध्र प्रदेश के विशेष दर्जे के विवाद में TDP के NDA छोड़ने के कुछ सप्ताह बाद, अप्रैल 2018 में उन्होंने इस्तीफा दिया। विपक्ष ने उनके पारिवारिक राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे।

प्रभाकर 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में ध्रुव राठी और प्रकाश राज के साथ CJP के प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे।

13 करोड़ मतदाताओं को बाहर करने का दावा

14 अक्टूबर को गठित 'पीपल अगेंस्ट SIR' गठबंधन में छात्र, किसान, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समूह शामिल हैं। गठबंधन का आरोप है कि SIR से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं, विशेषकर वंचित समुदायों, के नाम हटे हैं। रिपोर्ट में 13 करोड़ मतदाताओं के बाहर होने का दावा किया गया है।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन तेज

INDIA ब्लॉक और CJP के विरोध प्रदर्शनों में विराम के बीच गठबंधन ने 'हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर' का नारा दिया है। यह आह्वान दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर की अधिसूचित प्रदर्शन स्थल की मान्यता समाप्त किए जाने के बाद आया है।

हालिया प्रदर्शनों के पीछे इंडियन एक्सप्रेस की वह रिपोर्ट भी है, जिसमें दावा किया गया कि ज्ञानेश कुमार ने पिछले 10 महीनों में साथी चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों को नजरअंदाज किया। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को अपने 'वोट चोरी' अभियान से जोड़ा है।

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