Mallikarjun Kharge Patna: पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के दौरान हुए हंगामे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। अब भाषण के बीच अपनी बात रखने वाले शख्स की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है। छपरा से कार्यक्रम में शामिल होने आए संतोष का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे गलतफहमी में बीजेपी का समर्थक समझ लिया और उसके साथ मारपीट की। यह घटना डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई।
भाषण के बीच टोका, फिर शुरू हुआ हंगामा
पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान संतोष कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी बात रखी। उसने कहा कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने जवाब दिया, जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया। आरोप है कि वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संतोष को पकड़कर पीटा और फिर सभागार से बाहर निकाल दिया।
संतोष ने कहा- गलतफहमी में मुझे बीजेपी का आदमी समझा
सभागार से बाहर आने के बाद संतोष कुमार ने दावा किया कि कांग्रेस के लोगों ने उसे बीजेपी का समर्थक समझकर उसके साथ मारपीट की। जानकारी के मुताबिक, संतोष कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं है। वह बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में एक समर्थक के तौर पर शामिल होने आया था। इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह लंबे समय से करते आ रहे हैं। घटना के बाद संतोष के बयान से कार्यक्रम में हुए हंगामे को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
खड़गे ने बीजेपी और आरएसएस पर साधा निशाना
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार, बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने बिहार समेत उन राज्यों की सरकारों को हटाने की मांग की, जहां पिछले दो वर्षों में बीजेपी की सरकार बनी है। खड़गे ने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों पर वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाया। उन्होंने इन सरकारों को 'चोरी से बनी सरकारें' बताया।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
खड़गे ने सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की बात कही। उन्होंने बिहार के लोगों से इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में शामिल होने की अपील की और इस लड़ाई को आजादी की दूसरी लड़ाई बताया। खड़गे ने बीजेपी और आरएसएस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।
श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को किया याद
अपने भाषण में खड़गे ने बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आधुनिक बिहार के निर्माण में उनके योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने लोकतंत्र को मजबूत करने और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया था। खड़गे ने जमींदारी प्रथा खत्म करने में उनकी भूमिका के साथ कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई के क्षेत्र में संस्थानों के विकास में उनके योगदान को भी याद किया।
नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना
खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन की विचारधारा से निकले नेता रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह बीजेपी और आरएसएस के साथ चले गए। इसके अलावा खड़गे ने कांग्रेस के बलिदानों का उल्लेख करते हुए इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की कुर्बानियों की बात कही। उन्होंने राहुल गांधी के संघर्ष का भी जिक्र किया।
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