Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से हो चुकी है और यह 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पितरों का स्मरण, तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह अवधि कुछ राशि के जातकों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में बदलाव लेकर आ सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी, कारोबार में नए अवसर और अटके हुए पैसों से जुड़े काम आगे बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए पितृ पक्ष कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। किसी पुराने काम का परिणाम मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत बेहतर होने और उनकी बात को महत्व मिलने की संभावना है। कारोबारियों को पुराने ग्राहक से दोबारा जुड़ने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए इस दौरान नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। कारोबार में नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा और आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाशने का मौका मिल सकता है। हालांकि, बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
कर्क राशि
कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और परिवार के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को नया विकल्प मिल सकता है। कारोबार में लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है और किसी पुराने मामले का समाधान निकलने की संभावना है। हालांकि, बड़े फैसले लेने में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए पितृ पक्ष आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में राहत लेकर आ सकता है। काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन इसके साथ तरक्की के रास्ते भी खुल सकते हैं। कारोबारियों को नया ग्राहक मिलने या पुराने संपर्क से फायदा होने के संकेत हैं। नौकरी में प्रमोशन या सैलरी बढ़ने को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को अपनी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के साथ किसी बड़े काम की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। कारोबारियों को काम बढ़ाने का मौका मिल सकता है और नई डील या प्रोजेक्ट पर बातचीत आगे बढ़ सकती है। अटका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद भी बन सकती है। हालांकि, कागजी काम और पैसों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें।
पितृ पक्ष में परिवार की परंपरा के अनुसार पितरों की तिथि पर श्राद्ध और तर्पण करने की मान्यता है। जरूरतमंदों को भोजन कराने के साथ अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र या उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है। अगर किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो तो सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने की परंपरा बताई गई है।
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